| Indian Railways News => | Topic started by Jitendar on May 22, 2013 - 12:00:03 PM |
Title - - तार और सुतली से बांधा गया था वैगन का ढक्कन - Amar UjalaPosted by : Jitendar on May 22, 2013 - 12:00:03 PM |
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इलाहाबाद। विक्रमशिला एक्सप्रेस दुर्घटना के मामले की जांच में रेलवे की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। मालगाड़ी से टूटकर गिरे ढक्कन और वैगन की जांच में खुलासा हुआ कि ढक्कन को तार और सुतली से बांधकर ‘लॉक’ किया गया। मालगाड़ी की रफ्तार बढ़ने पर तार और सुतली खुल गई। इससे ढक्कन लटक गया और हवा में लहराने लगा। नैनी स्टेशन पर दो लाइनों के बीच लगी फेंसिंग में फंस गया। इससे टेढ़ी हुई फेंसिंग विक्रमशिला के यात्रियों के लिए जानलेवा बन गई। मंगलवार को मुख्य संरक्षा आयुक्त ने आरपीएफ के कब्जे में स्थित नैनी स्टेशन पर टूटे ढक्कन, टेढ़ी फेंसिंग और छिवकी में खड़े प्रभावित वैगन का बारीकी से मुआयना किया। वैगन के टूटे हुए दरवाजे पर लिपटे तार और रस्सी को देख वह हैरत में पड़ गए। बाद में मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के कमेटी रूम में रेलवे अफसरों और कर्मचारियों से घटना के कारणों को लेकर पूछताछ की। बुधवार को भी सीआरएस की जांच जारी रहेगी। नैनी में 17 मई की आधी रात को गाजियाबाद से दिल्ली की ओर जाने वाली मालगाड़ी के एक वैगन का ढक्कन टूटने से फेंसिंग टेढ़ी हो गई थी। फेंसिंग की रगड़ से दिल्ली से पटना जा रही नॉन स्टॉप ट्रेन विक्रमशिला एक्सप्रेस के कई यात्री घायल हो गए। इस घटना की जांच के लिए मुख्य संरक्षा आयुक्त प्रभात कुमार वाजपेयी इलाहाबाद पहुंचे हुए हैं। मंगलवार की सुबह नैनी और छिवकी स्टेशनों पर बारीकी से मुआयना किया। इसमें मालगाड़ी के टूटे ढक्कन, टेढ़ी फेंसिंग, दुर्घटनास्थल, प्रभावित वैगन को देखा और परखा। ढक्कन और उसके लॉक करने की प्रक्रिया के बारे में भी पड़ताल की। इसके बाद डिवीजन में नैनी स्टेशन के कर्मचारियों, दोनों ट्रेनों को गार्ड और ड्राइवर, कैरेज एंड वैगन के स्टॉफ, मुगलसराय में वैगन की जांच करने वाले कर्मचारियों, परिचालन कर्मचारियों को बुलाया गया। इसे लेकर पूरे दिन डीआरएम कार्यालय में पूरे दिन हड़कंप मचा रहा। जांच के दौरान एनसीआर और डिवीजन के 20 अफसरों को सहायक के तौर पर लगाया गया है। |