Indian Railways News => Topic started by Mafia on Jul 12, 2013 - 15:01:56 PM


Title - 11 July: 7th anniversary of Mumbai train blasts
Posted by : Mafia on Jul 12, 2013 - 15:01:56 PM

11 जुलाई, 2006 को शायद ही कोई भारतीय भूल पाए। यह वहीं काला दिन है, जिसने मुंबई की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया था। जी हां, सात साल पहले आज के ही दिन मुंबई की लोकल ट्रेनों में बम धमाके हुए थे।
दस मिनट के अंदर अलग-अलग ट्रेनों में हुए सात धमाकों में 209 लोगों की मौत हो गई थी और 700 लोग घायल हो गए थे। धमाके माटुंगा, माहिम, खार, सांताकुंज, जोगेश्वरी, बोरीवली, मीरा रोड और भाइंदर क्षेत्रों में लोकल ट्रेनों में हुए थे। पुलिस के मुताबिक, ये विस्फोट लश्कर-ए-तैयबा और स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट (सिमी) ने किए थे। धमाके के पीड़ित आज भी इस घटना को भूल नहीं पाए हैं। पीड़ितों की मांग है कि इस हमले को अंजाम देने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। वक्त हर जख्म भर देता है, लेकिन 11 जुलाई जब आता है तो पुराने जख्म हरे हो जाते हैं।
सात साल बाद भी बम ब्लास्ट पीड़ितों को इंतजार है आरोपियों को सजा मिलने की। साथ ही, पीड़ित ये भी चाहते हैं कि पाकिस्तान में बैठे लश्कर के बाकी साजिशकर्ता भी गिरफ्तार किए जाएं। मुंबई में 11 जुलाई, 2006 को शाम 6 बजकर 24 मिनट से लेकर 6 बजकर 35 मिनट के बीच एक के बाद एक 7 बम धमाके हुए थे। ये सभी धमाके मुंबई की वेस्टर्न लोकल ट्रेनों के फस्ट क्लास कंपार्टमेंट में करवाए गए थे।
धमाकों का विस्फोटक आरडीएक्स, अमोनियम नाइट्रेट, फ्यूल आईल और कीलों से बनाया गया था, जिसे 7 प्रेशर कुकर में रखकर टाईमर के जरिए धमाका किया गया। धमाके में कुल 90 करोड़ की संपत्ति का नुकसान हुआ। इन धमाकों को अंजाम देने के लिए आतंकियों को पाकिस्तान में बम बनाने की ट्रेनिंग दी गई थी। इस केस में 11 हजार पेज की चार्जशीट मकोका कोर्ट में फाइल की गई और मामले की रोजाना सुनवाई दिसंबर 2007 में शुरू हुई, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 2010 में सुनवाई बंद कर दी गई।
कब और कहां हुए विस्फोट :-
11 जुलाई, 2006, दिन- मंगलवार,
वक्त- भारतीय समयानुसार शाम छह बजे के आसपास
पहला धमाका :- खार से सांताकुंज जा रही लोकल ट्रेन में हुआ
इसके बाद माटुंगा, माहिम, बांद्रा, जोगेश्वरी, बोरेवली और मीरारोड इलाकों में लोकल ट्रेनों में धमाके हुए
मुआवजा :- रेलवे की ओर से 12 करोड़ रुपये मृतकों और घायलों के परिवारों को। कुछ पीड़ितों-प्रभावितों को नौकरी।
कार्रवाई :- धमाकों की जांच का काम महाराष्ट्र सरकार के आतंकवाद निरोधक दस्ते को सौंपा गया। धमाकों के तुरंत बाद 300 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।
कानूनी स्थिति :- मामले की सुनवाई के लिए विशेष अदालत गठित।
30 नवंबर, 2006 को विशेष अदालत में 13 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई।
हमलों से संबंधित 12,000 पृष्ठों वाला मामला अदालत में दाखिल किया गया
गिरफ्तार 13 संदिग्धों ने कुछ मानवाधिकार संगठनों को पत्र लिखकर कहा है कि पुलिस इस मामले में असली अभियुक्तों को नहीं पकड़ सकी है, इसीलिए उन लोगों के साथ थर्ड डिग्री का इस्तेमाल कर जबर्दस्ती ज़ुर्म कुबूल करवाया गया।