Indian Railways News => Topic started by greatindian on Jun 16, 2013 - 20:01:01 PM


Title - 40 बोगियां दौड़ने लगी उल्टा, कुछ ऐसे चलती है यहां रेलवे की व्यवस्था
Posted by : greatindian on Jun 16, 2013 - 20:01:01 PM

ठसाठस भरी 40 बोगियों को जब मालगाड़ी खींच नहीं पाई तो उसे बैक करने का फैसला ले लिया गया और यही किसी कर्मचारी की मौत का कारण भी बना। मैहर-सरला नगर रेलवे ट्रैक पर मालगाडृी ढाल में पीछे के ओर 4 किमी तक लुढ़क आई। रास्ते में ट्रॉली सवार कर्मचारियों ने जब ट्रेन को आते देखा तो वे कूद कर भागे, लेकिन एक कर्मी
का पैर फंस गया। टकर के बाद मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

चंद दिनों के भीतर लापरवाही से जुड़ा यह तीसरा
मामला सामने आया है। जबलपुर डिवीजन में सरला नगर में एक फैट्री से सीमेंट लोड करने के बाद गत दिवस मालगाड़ी मैहर स्टेशन साइडिंग की ओर बढ़ी। कुछ किमी दूरी तय करने के बाद ही जब चढ़ाई आई तो इंजन साथ छोडऩे लगा और ट्रेन बीच सफर में ही खड़ी हो गई। रनिंग स्टाफ ने ट्रेन को बैक कर दोबारा चढ़ाई पार करने का निर्णय लिया, लेकिन जैसे ही ट्रेन पीछे की ओर लुढ़की तो बस लुढ़कती ही चली गई। इस फैट्री के समीप ट्रॉली पर सवार आधा दर्जन कर्मचारियों ने जब ट्रेन को रतार के साथ उल्टा आते देखा तो उनके होश उड़ गए।



सभी ने ट्रॉली से छलांग लगा दी, लेकिन फैट्री कर्मी तथा रेलवे का रिटायर्ड पीडल्यूआई लल्लू लाल पटेल का पैर ट्रॉली में ही फंस गया। जोरदार टकर हुई और कर्मचारी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। दमोह और कटनी के बीच स्थित सगौनी में मालगाड़ी को ौक किया गया। इसी दौरान एक कर्मचारी ट्रेन की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। इस घटना को लेकर पूरे डिवीजन में खूब हो-हल्ला मचा और प्रबंधन के खिलाफ कर्मचारियों ने रोष जताया।

सिहोरा के समीप एक ट्रैक पर शाम के वत लॉक लेकर काम कराते वत दो रेल कर्मियों की दूसरे ट्रैक पर आ रही ट्रेन से मौत हो गई। इस मामले पर प्रबंधन ने जांच के आदेश तो दिए, लेकिन जबरदस्त आक्रोश भी झेलना पड़ा। शुरूआती दौर
में ही लापरवाही सामने आई। दूसरा इंजन या दोबारा प्रयास? साइडिंग से लगभग 4 किलोमीटर मैहर स्टेशन की ओर आने के बाद जब मालगाड़ी थम गई तो चालक ने मैहर स्टेशन प्रबंधन को इसकी खबर की। स्टेशन से बैकअप इंजन भेजने की बात हुई या कि फिर मालगाड़ी को पीछे कर फिर से पिकअप बनाकर चढ़ाई पार करने के निर्देश दिए गए, यह

पता नहीं चल पाया है। बहरहाल मामले की जांच-पड़ताल के निर्देश दे दिए गए हैं और इसके बाद ही कारणों का खुलासा हो सकेगा। घुमावदार ट्रैक में नहीं दिखी ट्रेन जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां का ट्रैक कुछ घुमावदार भी है। जानकारों का कहना है कि यही वजह है कि कर्मचारियों को काफी पहले से मालगाड़ी नजर नहीं आ सकी। मालगाड़ी के काफी

करीब आने के बाद ही कर्मचारी ट्रॉली से कूदे और इसमें एक की जान चली गई। मालगाड़ी ट्रॉली से टकराई, कर्मचारी कूद कर भागे, एक कर्मी की मौके पर ही मौत  हो गई।