Indian Railways News => Topic started by railenquiry on Jun 03, 2013 - 16:00:13 PM


Title - 74 मेट्रो टनल की खुदाई की निगरानी एक साथ
Posted by : railenquiry on Jun 03, 2013 - 16:00:13 PM

मेट्रो के तीसरे चरण के दौरान जगह-जगह चल रही टनल की खुदाई कार्य की निगरानी के लिए दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने सेंट्रलाइज्ड डाटा मैनेजमेंट सिस्टम लगाया है। मेट्रो के निदेशक (जन संपर्क) अनुज दयाल के मुताबिक टनल की खुदाई कंप्यूटराइज्ड तरीके से टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के जरिए हो रही है, जिसकी मॉनिटरिंग अभी प्रत्येक साइट पर अलग-अलग तरीके से हो रही थी। सभी रिपोर्टेँ साथ नहीं मिल पाती थीं। जिससे कभी किसी तालमेल की जरूरत हो तो मौके पर नहीं हो पाता था। इसलिए डीएमआरसी ने सेंट्रलाइज्ड सिस्टम लगाया है। इसके लग जाने से प्रत्येक टनल की खुदाई पर एक साथ नजर रखना संभव होगा। खुदाई के दौरान अगर नीचे के कंपन से निर्माण स्थल के आसपास किसी चीज को नुकसान पहुंचता है या मशीन सही तरीके से नक्शे के अनुसार खुदाई कार्य कर रही है या नहीं सबका पता झट से चल जाएगा। सेंट्रलाइज्ड डाटा मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए खुदाई कार्य की 3डी तस्वीरें सामने आएंगी। जिसे कहीं बैठे कोई भी अधिकारी देख सकता है। सिस्टम से प्राप्त रिपोर्ट को मैसेज, ईमेल के जरिए भेज अगर किसी विशेषज्ञ की राय लेनी हो तो वह तुरंत ली जा सकती है।
दयाल के अनुसार दिल्ली व एनसीआर में अभी तीसरे चरण के तहत जितने जोर-शोर से मेट्रो नेटवर्क का विस्तार कार्य चल रहा है, इसमें भी 53 किलोमीटर लंबी भूमिगत लाइन की खुदाई के लिए 34 टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) का प्रयोग किया जा रहा है। अभी तक दुनिया के किसी भी शहर में इतने बड़े पैमाने पर काम नहीं हुआ है। सेंट्रल डाटा मैनेजमेंट सिस्टम लगाने का मकसद बेहतरीन तरीके से खुदाई कार्य को अंजाम देना है। अभी अलग-अलग साइट पर मॉनिटरिंग की अलग व्यवस्था है, यह सेंट्रलाइज्ड होने से खुदाई कार्य सर्वोत्तम तरीके से होगा। प्रत्येक दिन 34 टीबीएम से जिन 74 टनल की खुदाई हो रही है वह कितनी हो पाई, सभी मशीन एक तरह से काम कर रही है या नहीं सब शीघ्र पता चल जाएगा और इससे काम की गुणवत्ता में सुधार होगा।
मालूम हो कि मेट्रो के तीसरे चरण में सर्वाधिक भूमिगत लाइन का निर्माण कार्य रिकॉर्ड 34 टीबीएम के जरिए चल रहा है। इससे पहले दूसरे चरण में 34.89 किलोमीटर लंबा भूमिगत मेट्रो लाइन का निर्माण हुआ था जिसके लिए सिर्फ 14 टीबीएम उपयोग में लाई गई थीं। तीसरे चरण के तहत चल रही टनलों की खुदाई का कार्य जून 2015 तक संपन्न होना निर्धारित है।
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हेरिटेज लाइन पर तीन किलोमीटर टनल खुदाई का काम मंगलवार को हो जाएगा पूरा
केंद्रीय सचिवालय से कश्मीरी गेट को जाने वाली हेरिटेज लाइन पर केंद्रीय सचिवालय से मंडी हाउस तक कुल तीन किलोमीटर लंबी टनल का निर्माण कार्य मंगलवार को पूरा हो जाएगा। अभी तीन हिस्से में जो टनल का खुदाई कार्य चल रहाहै यह चार जून को आपस में मिल जाएगा। 9.37 किलोमीटर लंबी हेरिटेज मेट्रो लाइन पर सात टीबीएम के जरिए टनल खुदाई का काम चल रहा है।
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तीन लाइनों पर टीबीएम के जरिए हो रही है खुदाई का ब्यौरा -
मुकुंदपुर-यमुना विहार लाइन -11 टीबीएम
जनकपुरी-कालिंदी कुंज- 16 टीबीएम
केंद्रीय सचिवालय-कश्मीरी गेट- 7 टीबीएम