Indian Railways News => Topic started by sushil on Jul 12, 2013 - 15:02:50 PM


Title - Abu Jundal may be disclosed certain facts in Mumbai train blast
Posted by : sushil on Jul 12, 2013 - 15:02:50 PM

सात साल पहले मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए सिलसिलेवार विस्फोट के कुछ और रहस्य अबू जुंदाल खोल सकता है। 26 नवंबर, 2008 के आतंकी हमले के आरोपी जुंदाल को कुछ माह पहले ही सऊदी अरब से गिरफ्तार कर भारत लाया गया है। 11 जुलाई, 2006 को हुए इन विस्फोटों में 187 लोग मारे गए थे। हालांकि सात साल पहले हुए इस सिलसिलेवार विस्फोट कांड की सुनवाई मुंबई के मकोका कोर्ट में चल रही है।
लेकिन पुलिस को उम्मीद है कि अबू जुंदाल इस मामले के कई अनसुलझे रहस्यों से पर्दा उठा सकता है। क्योंकि वह 2006 में औरंगाबाद में पकड़े गए विस्फोटकों के जखीरे के मामले से जुड़ा हुआ है। इस मामले के कुछ आरोपियों के नाम 2006 की ही दो अन्य आतंकी घटनाओं से भी जुड़े रहे हैं। ये घटनाएं हैं - 11 जुलाई, 2006 का सिलसिलेवार ट्रेन विस्फोट एवं आठ सितंबर, 2006 का मालेगांव धमाका कांड।
लोकल ट्रेनों में उक्त विस्फोट पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा एवं भारतीय आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन का संयुक्त कारनामा था। पुलिस सूत्रों का मानना है कि महाराष्ट्र के बीड जिले का रहनेवाला जैबुद्दीन अंसारी उर्फ अबू जुंदाल लश्कर कादक्षिण एशिया प्रमुख था, इसलिए उसकी जानकारी के बिना इतनी बड़ी आतंकी कार्रवाई नहीं की जा सकती।वर्ष 2003 के बाद भारत में हुए लगभग सभी आतंकी विस्फोटों के पीछे इंडियन मुजाहिदीन का हाथ माना जाता रहा है।
इनमें से कई आतंकी घटनाओं की तो इंडियन मुजाहिदीन ने स्वयं जिम्मेदारी भी ली है। लेकिन 26/11 के आतंकियों को पाकिस्तान में हिंदी सिखाने वाले अबू जुंदाल को मुंबई पुलिस इंडियन मुजाहिदीन के संस्थापक रियाज भटकल से वरिष्ठ मानती है। चूंकि इंडियन मुजाहिदीन को तकनीकी एवं आर्थिक मदद लश्कर से ही मिलती है,इसलिए भी मुंबई पुलिस 7/11 के ट्रेन विस्फोट कांड में अबू जुंदाल की भूमिका नजरंदाज नहीं कर पा रही है।
अबू जुंदाल पुणे के जर्मन बेकरी विस्फोट मामले में भी शामिल रहा है। लेकिन भारत लाए जाने के बाद मुंबई पुलिस ने उससे संभवत: 26/11 के मामले में ही पूछताछ की है। कुछ पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यदि अपराध शाखा उसे पुन: कब्जे में लेकर पूछताछ करे तो उसे ट्रेन धमाका मामले में कुछ नए तथ्य हाथ लग सकते हैं। गौरतलब है कि इस हमले के बाद भी देश की आर्थिक राजधानी मुंबई मेंकई धमाके हो चुके हैं।
इनमें कई मामलों में जांच एजेंसियों को पुख्ता सुबूत नहीं मिले हैं। हालांकि, इस बीच मुंबई की सुरक्षा व्यवस्था काफी दुरुस्त जरूर कर दी गई। वैसे लोकल ट्रेन नेटवर्क आतंकियों के निशाने पर रहता है।