Indian Railways News => Topic started by greatindian on May 14, 2013 - 16:00:37 PM


Title - cbi to question to pawan bansal in railway promotion scam - पवन बंसल के खिलाफ सबूत जुटा रही सीबीआई,
Posted by : greatindian on May 14, 2013 - 16:00:37 PM

नई दिल्ली. रेल घूसकांड मामले में पूर्व रेल मंत्री से पूछताछ से पहले सीबीआई उनके खिलाफ पुख्ता सबूत जुटा लेना चाहती है। इसके बाद ही उनसे पूछताछ की जाएगी। सीबीआई ने सोमवार को रेलवे मंत्रालय के दो अधिकारियों से पूछताछ की। जांच एजेंसी ने प्रमोशन, ट्रांसफर और टेंडर से जुड़ी फाइलें जांच के लिए जब्त कर ली हैं। इस मामले में अब नई एफआईआर दर्ज की जा सकती हैं। सीबीआई सूत्रों ने कहा कि सीबीआई पूर्व रेलमंत्री पवन बंसल से कभी भी पूछताछ कर सकती है।   
सीबीआई अधिकारी सोमवार को रेल भवन पहुंचे। उन्होंने रेल मंत्रालय के अधिकारियों से प्रमोशन, ट्रांसफर, टेंडर से संबंधित फाइलें मांगी। उसने मंत्रालय से पिछले तीन साल में हुए ट्रांसफर की जानकारी मांगी है। जांच और पूछताछ में कई गड़बडिय़ों का पता चला है। इस मामले में बंसल के भांजे विजय सिंगला समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई घूसकांड के आरोपियों की फोन टैपिंग में सामने आए अधिकारियों से भी पूछताछ करेगी। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनय मित्तल से भी सवाल-जवाब किया जा सकता है। कपूरथला, चितरंजन में प्रमुख पदों की तैनाती में गड़बड़ी: सीबीआई सूत्रों के अनुसार कपूरथला रेल कोच फैक्टरी के चीफ इंजीनियर के पद और चितरंजन लोको वक्र्स के स्टोर के कंट्रोलर के पद पर तैनाती से जुड़े मामलों में गड़बड़ी पाई गई है। इस बारे में पवन बंसल के निजी सचिव राहुल भंडारी से भी पूछताछ की जा चुकी है।

पांच कोल ब्लॉक आवंटन की बात मानी

सीबीआई ने कहा है कि एएमआर आयरन एंड स्टील प्राइवेट लिमिटेड ने माना है कि उसको पांच कोल ब्लॉक आवंटित किए गए थे। लेकिन उसने बाद के आवेदन के समय इसकी सूचना नहीं दी थी। सीबीआई ने आरोप लगाया है कि कंपनी ने अपने आवेदन और फीडबैक फॉर्म में समूह की अथवा सहयोगी कंपनियों को पहले आवंटित कोयला ब्लॉक की जानकारी छुपाई। उसने आईएल एंड एफएस तथा लोकमत समूह की शेयर भागीदारी से संबंधित तथ्यों को भी छिपाया था।’


कोल ब्लॉक आवंटन मंत्री के कार्यालय में हुआ

कोल ब्लॉक आवंटन घोटाले में कोयला मंत्रालय के दो पूर्व राज्य मंत्रियों से सीबीआई दो महीने पहले ही पूछताछ कर चुकी है। लेकिन इसका खुलासा सोमवार को किया गया। जांच एजेंसी दोनों मंत्रियों संतोष बगरोदिया और दसारी नारायण राव के बयान भी दर्ज कर चुकी है। इन पर आरोप है कि इन्होंने विजय दर्डा के बेटे की कंपनी के प्रतिनिधियों को ब्लॉक आवंटन के सिलसिले में अपने कार्यालय में हुई बैठक में शामिल किया था। जांच एजेंसी इस मामले में 11 एफआईआर दर्ज कर उनकी पड़ताल कर रही है। सीबीआई के सूत्रों ने कहा कि इनमें से एक एफआईआर एएमआर आयरन एंड स्टील कंपनी के खिलाफ है। इसमें कांग्रेस सांसद विजय दर्डा का बेटा आरोपी है। इस कंपनी के प्रतिनिधि 18 सितंबर 2008 को कोयला राज्य मंत्री के कार्यालय में हुई बैठक में शामिल थे। बैठक में कंपनी की ओर से दावा किया गया कि वे जायसवाल ग्रुप का हिस्सा नहीं है, बल्कि उनके शेयर लोकमत समूह, अभिजीत इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड तथा आईएल एंड एफएस के पास हैं।’ इस बीच, दोनों पूर्व मंत्रियों ने कोयला आवंटन घोटाले में अपने शामिल होने के आरोपों को खारिज किया है। ये दोनों 2006 से 2009 के दौरान राज्य मंत्री थे, जब यह आवंटन किया गया था।