Indian Railways News => Topic started by riteshexpert on Jul 13, 2013 - 12:00:03 PM


Title - Heavy rains disrupt life in south Gujarat
Posted by : riteshexpert on Jul 13, 2013 - 12:00:03 PM

अहमदाबाद। मानसून के दूसरे दौर में दक्षिण गुजरात को बारिश के कहर का सामना करना पड़ रहा है। 5-15 इंच बारिश होने से वलसाड स्टेशन पर दो दो फीट पानी भर गया, कई ट्रेने रद्द करनी पड़ी हैं जबकि कई विलंब से चल रही हैं। वडोदरा में सवा सौ साल पुरानी हवेली ध्वस्त हो गई।
पिछले 48 घंटों में समूचे गुजरात में जोरदार बारिश हुई है, दक्षिण गुजरात में बारिश के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है। नवसारी व वलसाड सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं जबकि वलसाड स्टेशन पर पानी जमा हो जाने से रेल यातायात ठप हो गया है।
मुंबई से अहमदाबाद और दिल्ली की ओर जाने वाली कई गाड़ियां रद्द कर दी गयी हैं या फिर तीन-चार घंटे विलंब से चल रही हैं। वलसाड रेलवे स्टेशन के पास भारी जलजमाव के कारण रेलवे ट्रैक पानी में डूब गये थे। जिससे इस रूट की ट्रेनों को आसपास के स्टेशनों पर रोक दिया गया था। हालांकि बाद में पानी निकल जाने के बाद ट्रेनों को आगे बढ़ाया गया। सूरत से मुंबई की ओर जानेवाली गुजरात क्विन, फ्लाइंग रानी और पैसेंजर ट्रेन को रद्द कर दिया गया था। जबकि अगस्तक्रांति और राजधानी एक्सप्रेस को दो घंटे के बाद आगे के लिए रवाना किया गया। जिससे यात्रियों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ा।
गुजरात के वलसाड शहर में पिछले चौबीस घंटों से हो रही बारिश की वजह से कई इलाके जलमग्न हो गये हैं। नदी से सटे ये वो इलाके हैं जहां तेज बारिश का सबसे ज्यादा असर हुआ हैं। भारी बारिश के चलते कई घरो में पानी भर आया तो कई हजार लोगों को अपना मकान छोड़कर जाना पड़ा हैं। वहीं, इस बरसात का सबसे ज्यादा प्रभाव रेल यातायात पर पड़ा हैं।
प्रशासन ने भी तमाम डिजास्टर मैनेजमेंट टीम को एलर्ट कर दिया हैं । नुकसान का जायजा लेने के लिए निकले वलसाड जिला कलेक्टर प्रशांत पाण्डेय की माने तो अचानक हुई बरसात के चलते शहर के कई इलाको में पानी भर जाने के साथ साथ कुछ मकानों को भी नुकसान हुआ हैं। इतना ही नहीं पीड़ितों को नुकसान का मुवावजा भी दिलाने का आश्वासन दिया हैं ।
इसके पहले वलसाड में बचाव और राहत कार्य के लिए सूरत जिला प्रशासन की ओर से दो रेस्क्यू नाव और एक दर्जन नाविकों को विशेष रूप से वलसाड भेजा गया हैं। डांग, तापी और सूरत जिला भी इसकी मार से नहीं बचा हैं। सूरत के निचले जगहों में पानी भरना शुरू हो गया हैं। ऐसे में प्रशासन के साथ लोगो की चिंता बढ़ती जा रही हैं।