Indian Railways News => Topic started by railgenie on Jul 27, 2013 - 03:00:28 AM


Title - NE Railway CCM Amritanshu Kumar suspended - 'अल्बर्ट पिंटो' हुए सस्पेंड तो दिखाया सिंघम स्टाइल, गाया
Posted by : railgenie on Jul 27, 2013 - 03:00:28 AM

गोरखपुर. व्यवस्था को ठीक करने के नाम पर मार पिटाई और बात बात पर यात्रियों, अपने अफसरों और सहकर्मियों से उलझने वाले अफसर को आखिरकार एनई रेलवे ने सस्पेंड कर ही दिया.

गुरुवार की रात एनई रेलवे के सीसीएम (एफएम) अमृतांशु कुमार को सस्पेंड किया गया बल्कि उनके ऑफिस को भी सील कर दिया गया.

इतना ही नहीं सस्पेंशन का आदेश मिलने के बाद भी साहब की हेकड़ी नहीं गयी उन्होंने इसकी खुन्नस फ़िल्मी स्टाइल में अपने चैम्बर में रखे कांच के गिलास और प्लेट्स तोड़ कर निकालीं.

बात बात पर अपना गुस्सा दिखाने और विभाग में अल्बर्ट पिंटो के नाम से कुख्यात हो चुके एनई रेलवे के सीसीएम (एफएम) अमृतांशु कुमार ने अपनी हनक में बुधवार को साउथ सेंट्रल रेलवे के एजीएम रैंक के अधिकारी पर ही अपना सिंघम एक्शन दिखा दिया था.

घटना राप्तीसागर एक्सप्रेस की है, अमृतांशु कुमार इस गाडी में अपनी टीम के साथ सुबह 6 बजे सवार हुये और ट्रेन में इंस्पेक्शन करने लगे. इसके बाद इनकी टीम सेकंड एसी ए वन कोच में गयी और वहां खली सीट पर बैठ गयी.

अमृतांशु कुमार अपने आपको 'रिलैक्स'  करने के लिए ऊंची आवाज़ में भोजपुरी गाना गाने लगे. अब तक तो सब ठीक था लेकिन उसी वक़्त इसी कोच के बर्थ नंबर 13, 14 और 15 जर्नी कर रहे साउथ सेंट्रल रेलवे के सीओएस (कंट्रोलर आफ स्टोर) महेश चंद्रा के परिवार ने ऑब्जेक्शन कर दिया. अमृतांशु कुमार को यह अपने शान में गुस्ताखी लगी और उन्होंने परिवार की महिलाओं को बुरा-भला कहना शुरू कर दिया.

इस पर महेश चन्द्रा ने अमृतांशु को महिलाओं से तमीज से पेश आने की नसीहत दी. इसके बाद तो महेश चंद्रा ही इस अल्बर्ट पिंटो का निशाना बन गए. अमृतांशु कुमार ने महेश चंद्रा के चेहरे पर मुक्के जड़ दिए. इससे महेश चंद्रा घायल होकर नीचे गिर पड़े. महेश चंद्रा ने इसकी शिकायत साउथ सेंट्रल रेलवे के जीएम देवी प्रसाद पाण्डेय से की, जिन्होंने एनई रेलवे के जीएम केके अटल को घटना की पूरी जानकारी दी. केके अटल ने घटना की गंभीरता को समझते हुए अमृतांशु कुमार को वापस हेडक्वार्टर लौटने का निर्देश दिया.

घटना बस्ती और गोंडा के बीच की थी इसलिए महेश चंद्रा आरपीएफ कि सुरक्षा में ले जाकर लखनऊ के बादशाह्नगर रेलवे स्टेशन पर उनकी मरहम पट्टी की गयी. लखनऊ में ही अधिकारियों ने उनसे और उनकी पत्नी से बयान लिया. यही नहीं घटना की जानकारी रेलवे बोर्ड तक पहुँचने पर मामला और भी गंभीर हो गया. इसके बाद अमृतांशु कुमार के सस्पेंशन के आदेश जारी कर दिए गए.

जीएम ऑफिस से दिए गए आदेश के अनुसार अमृतांशु को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. वे बिना जीएम के परमिशन के हेडक्वार्टर भी नहीं छोड़ सकते. अपने सस्पेंशन पर प्रतिक्रिया देते हुए अमृतांशु ने कहा कि वह अपनी शेडय़ूल डय़ूटी पर ट्रेन चेक कर रहे थे। महेश चंद्रा से उन्होंने उनका पास मांगा गया था, इस पर उन्होंने रौब दिखा मुझसे उलझना शुरू कर दिया।

इस पूओरी घटना के पहले भी अमृतांशु ने ट्रेन में सवार होने से पहले प्लेटफार्म पर वेंडरों से मारपीट की थी जिसके बाबत वेंडरों ने गोरखपुर जीआरपी को तहरीर भी दी है. इतना ही नहीं अमृतांशु पिच्च्ले महीने विजिलेंस के एक इंस्पेक्टर को सरेआम प्लेटफार्म पर ही बेईज्ज़त करने से नहीं चूके थे क्योंकि उसने उन्हें सलामी नहीं ठोकी थी.