Indian Railways News => Topic started by irmafia on Jul 30, 2013 - 18:01:05 PM


Title - Railway, Crime, Ticket Cancelled, Bilaspur, Chhatisgarh - पार्सलवालों की चली तो बम भी चढ़ा दें ट्रेन
Posted by : irmafia on Jul 30, 2013 - 18:01:05 PM

बिलासपुर. रेलवे पार्सल विभाग के कर्मचारी नियमों को ताक पर रखकर प्रतिबंधित सामानों की बुकिंग ले रहे हैं। इसका खुलासा शनिवार की सुबह तब हुआ जब डिवीजन के एसीएम ने पार्सल कार्यालय में छापामार कार्रवाई कर 43 नग बैटरी की बुकिंग रद्द कराई। ये बैटरियां वेनगंगा एक्सप्रेस में बिलासपुर से काचीगुड़ा भेजी जानी थी। रिचार्जेबल बैटरी को रेलवे ने ज्वलनशील पदार्थ की श्रेणी में रखा है, लिहाजा पार्सल ट्रेन में चढ़ने से पहले रोक ली गई।
बिलासपुर रेल मंडल के असिस्टेंट कमर्शियल मैनेजर (एसीएम) किशोर निखारे को शिकायत मिली थी कि पार्सल विभाग में उन वस्तुओं की भी बुकिंग की जा रही है, जो ज्वलनशील पदार्थो की श्रेणी में आते हैं। पार्सल क्लर्क की सांठगांठ से ऐसे पदार्थ ट्रेनों में लगातार भेजे जा रहे हैं। निखारे को शनिवार की सुबह खबर मिली कि पार्सल कार्यालय में 43 बैटरियां बुक की गईं हैं।
इन्हें जूट की बोरी में पैक कर इलेक्ट्रानिक्स आइटम बताया गया था। ये बैटरियां रविवार को वेनगंगा एक्सप्रेस के पार्सलयान में काचीगुड़ा के लिए लोड की जानीथी। निखारे ने शनिवार की सुबह सीआई विजय कोरी व एके चंद्रा के साथ पार्सल कार्यालय में सुबह 9:30 बजे दबिश दी।
तलाशी ली गई तो जुट की गठरियां सामने आईं। इनकी जांच में साफ हो गया कि रिचार्जेबल बैटरियों को इलेक्ट्रानिक्स सामान के तौर पर बुक कराया गया है। एसीएम ने पार्सल प्रभारी और क्लर्क से जवाब तलब किया तो सभी बगलें झांकने लगे। आखिरकार अफसर ने बैटरी बुक करने के लिए जमा राशि राजसात करने के साथ ही बुकिंग कैंसिल कर दी।
अफसर की सतर्कता से शनिवार को तो ज्वलनशील पदार्थ ट्रेन में लोड होने से बच गया, लेकिन इस घटना ने पार्सल कार्यालय की बदइंतजामी की पोल खोल दी। इससे पहले भी यहां गुटखा व अन्य प्रतिबंधित सामान पकड़े जा चुके हैं।
ज्वलनशील पदार्थ के परिवहन के मामले में रेल प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। एसीएम की रिपोर्ट पर सीनियर डीसीएम तनवीर हसन ने पार्सल बुक करने वाले क्लर्क को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। इसके अलावा पार्सल सुपरवाइजर को कारण बताओ जारी किया गया है। सेक्शन के सीआई एके चंद्रा को मामले की जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है, जिसके आधार पर क्लर्क व सुपरवाइजर को चार्जशीट जारी की जा सकती है।
शनिवार की जांच से रेलवे पार्सल कार्यालय में दलालों के सक्रिय होने का भी खुलासा हुआ है। बैटरियों की जांच में पता चला कि इसे सुरेश नामक व्यक्ति के नाम से बुक कराया गया है। बुक कराने वाला निसार अहमद है, जिसने खुद को रेलवे का पार्सल सेंडर एजेंट बताया है। उसने पार्सल के दस्तावेजों में सेंडर एजेंट के तौर पर सील भी लगाई है।
कार्रवाई करने वाले एसीएम निखारेने स्पष्ट किया कि बुकिंग कराने वाला कोई और है, जबकि स्टांप किसी और का लगा है। इस मामले की जांच कीजा रही है कि निसार अहमद ने किस अधिकार से खुद को सेंडर एजेंट बताया है। रेलवे में सेंडर एजेंट जैसी कोई व्यवस्था तो है नहीं, लिहाजा पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। जानकार बताते हैं कि पार्सल आफिस में निसार की तरह आधा दर्जन एजेंट हैं, जो पार्सल क्लर्क से सांठगांठ कर प्रतिबंधित सामान को ट्रेनों मेंलोड कराते हैं।