Indian Railways News => Topic started by puneetmafia on Sep 11, 2013 - 17:58:08 PM


Title - Railway passenger overloading
Posted by : puneetmafia on Sep 11, 2013 - 17:58:08 PM

सुल्तानपुर : पड़ोसी जिले प्रतापगढ़ में सेना भर्ती चल रही है। उस ओर जाने वाली फैजाबाद की ट्रेनें ठसाठस भरी तो हैं ही, साथ ही यात्री भी बेअंदाजी से सफर कर रहे हैं। यहां तक कि इंजन व डिब्बों के बीच और दरवाजों पर युवा लटक कर यात्रा कर रहे हैं। यात्री अपनी जिंदगी तो दांव पर लगा ही रहें हैं, मगर जीआरपी और आरपीएफ भी मूकदर्शक बने हुए हैं। दो दिन के भीतर ही जिले में ट्रेन जनित हादसों में चार लोगों की जान जा चुकी हैं। मगर कोई भी चेतने को तैयार नहीं है।
अढ़नपुर रेलवे क्रासिंग के पास रविवार को एक दंपती की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। सुल्तानपुर स्टेशन पर सुबह ट्रेन पकड़ते समय पैर फिसल गया। रेलगाड़ी के नीचे आ जाने से उसकी कटकर मौत हो गई। मंगलवार को कूरेभार रेलवे स्टेशन के पास फूलपुर निवासी अधेड़ की ट्रेन की चपेट में आ जाने से मौत हो गई, लेकिन दो दिन में चार मौतों के बाद भी लोगों पर कोई असर नहीं पड़ा। रेलवे के जिम्मेदार भी नहीं चेत रहे हैं। इसका असर आज दोपहर में फैजाबाद से प्रयाग जाने वाली पैसेंजर ट्रेन पर देखने को मिला। प्रतापगढ़ में सेना भर्ती के लिए जा रहे बड़ी संख्या में युवा ट्रेन के इंजन व डिब्बों के बीच वाली जगह तथा दरवाजों पर लटककर सफर करते दिखे। जब कूरेभार से यह रेलगाड़ी गुजरी तो वहां के रेलकर्मियों ने इसकी जानकारी सुल्तानपुर स्टेशन मास्टर को दी। पैसेंजर ट्रेन के पहुंचते ही जीआरपी व आरपीएफ के जवान प्लेटफार्म नंबर तीन पर मुस्तैद हो गए। कड़ी मशक्कत के बाद इंजन से युवाओं को उतार लिया गया। बावजूद इसके डिब्बों के बीच व दरवाजों पर लटक कर सफर करने वालों की संख्या नहीं घटी।