Indian Railways News => Topic started by eabhi200k on Aug 08, 2013 - 15:00:03 PM


Title - Railway Station 'bowl' Of The War Maharashtra Mumbai News - रेलवे स्टेशन पर 'कटोरे' की जंग, एके-47 क
Posted by : eabhi200k on Aug 08, 2013 - 15:00:03 PM

नागपुर रेलवे स्टेशन की तमाम खोखली सुरक्षा दीवारों में एक बार फिर सेंधमारी हुई है। इस बार यह करामात भिखारियों ने कर दिखाई है। बार-बार इन्हें भगाने वाली रेल पुलिस खुद सकते में दिख रही है, जबकि उसे हाल ही में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था रखने की चेतावनी खुफिया विभाग ने दी है। हर छोटे स्टेशनों को भी एके-47 की निगहबानी में रखने के निर्देश हैं, फिर मानवता की दुहाई का क्या मतलब।
कुछ दिनों की मुस्तैदी
कुछ ही दिनों पूर्व रेलवे स्टेशन पर ही दो कचरा बीनने वाले भिड़ गए थे। मारपीट हुई। एक की मृत्यु तक हो गई। कुछ दिनों तक मुस्तैदी कायम रही फिर ढीली पड़ गई। अवांछित तत्वों का कब्जा बढ़ता जा रहा है और आम यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी प्रश्नचिन्ह।
इनमें अधिक संख्या है भिखारियों की। रेलवे स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर स्टेशन के अंतिम छोर तक इनका ठिकाना बनता जा रहा है।  तामझाम के साथ पसरे इन भिखारियों के चलते आम यात्रियों को काफी असुविधा हो रही है।  दिनभर स्टेशन पर आने वाली गाडिय़ों में भीख मांगकर यात्रियों को परेशान करते हैं। प्रशासन ने कई बार इन्हें बाहर करने की हर संभव कोशिश की, लेकिन नाकाम रहा।
रोक-टोक नहीं
रेलवे स्टेशन की वर्तमान स्थिति ऐसी है कि यहां डेरा जमाना आसान होता जा रहा है। स्टेशन पर कुल सात प्लेटफार्म हैं। सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में बिना रोक-टोक अवांछित परिसर में आ जाते हैं और भीख मांग गुजारा करते हैं। प्लेटफार्म पर खड़े यात्रियों को तंग करने के साथ गाडिय़ों के भीतर घुसकर यह यात्रियों से पैसे की मांग करते हैं। पैसे नहीं देने पर कपड़े खींचना, गाली देना, चिढ़ाने जैसी हरकतें करते हैं।
घूम रहे हैं मानसिक रोगी
परिसर केवल लावारिस व भिखारियों को पनाह देने तक सीमित नहीं है, कई मानसिक रोगी भी घूम रहे हैं। पीआरएस सेंटर व प्लेटफार्म नंबर एक से सात तक कहीं भी इन्हें देखा जा सकता है। ये जोर-जोर से चिल्लाते हैं, गालियां बकते हैं। इनके बर्ताव से यात्री अक्सर डर जाते हैं।
कई बार निकाला परिसर से
प्रशासन की ओर से कई बार इन्हें डाट-फटकार लगाकर परिसर से बाहर निकाला है। लेकिन यह केवल कुछ ही देर के लिए परिसर से बाहर जाते हैं। दूसरे दिन फिर स्थिति जैसी की तैसी हो जाती है।
परेशानी से हैं वाकिफ
यात्रियों को भिखारियों से हो रही परेशानी की जानकारी रेलवे को है। कई बार आरपीएफ की मदद से इन्हें परिसर से बाहर निकाला है। लेकिन वापस चले आते हैं। परिसर से इन्हें भगाने के लिए लगातार प्रयास जारी है।
-बृजेश दीक्षित, मंडलीय प्रबंधक, मध्य रेलवे नागपुर मंडल