Indian Railways News => Topic started by eabhi200k on Jul 03, 2013 - 09:00:19 AM


Title - Rs 200 crore recovered in Mumbai
Posted by : eabhi200k on Jul 03, 2013 - 09:00:19 AM

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) और आयकर विभाग की संयुक्त छापेमारी में मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन से सौ से ज्यादा बैगों से करीब 250 करोड़ रुपये की नकदी, हीरे और जेवरात बरामद किए गए हैं। इन बैगों को गुजरात के विभिन्न शहरों में भेजा जाना था। भारत में यह नकदी और जेवरात की अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी बताई जा रही है।
एनआइए को करीब एक सप्ताह पहले सूचना मिली थी कि बड़ी मात्रा में नकली नोट मुंबई से गुजरात भेजे जाने हैं। इसी सूचना के आधार पर एनआइए और आयकर विभाग के अधिकारियों ने सोमवार रात मुंबई सेंट्रल परिसर में खड़े चार वाहनों में लदे 102 बैग जब्त किए। आयकर विभाग के अधिकारियों के अनुसार हर बैग पर भेजने वाले और पाने वाले का नाम एवं पता भी लिखा हुआ है। ज्यादातर नाम-पते सूरत, वडोदरा, भरूच, अहमदाबाद और राजकोट आदि शहरों के हैं। ये बैग मुंबई सेंट्रल पर गुजरात मेल मेंलादे जाने थे।
बैगों को ट्रेन में चढ़ाने और उन्हें गुजरात पहुंचाने के लिए 47 लोग आए थे। प्रारंभिक पूछताछ के बाद एनआइए ने उनमें से कुछ को छोड़ दिया। इनमें कई आंगड़िए भी शामिल बताए जा रहे हैं, जो मुंबई से अहमदाबाद और सूरत के बीच रोज तराशे हुए हीरे व नकदी लाने-ले जाने का काम करते हैं।
आयकर विभाग के महानिदेशक (जांच) स्वतंत्र कुमार के अनुसार जब्त किए गए पूरे माल के मूल्यांकन का काम चल रहा है। नोटों की गिनती के लिए रिजर्व बैंक से मदद मांगी गई। स्वतंत्र कुमार के अनुसार शुरुआती तौर पर यह हवाला कारोबार का मामला लगता है। जांचकर्ता अभी इसे आतंकियों को आर्थिक मदद या राजनीतिक फंडिंग से जोड़कर नहीं देख रहे।
25 करोड़ की चांदी से भरा ट्रक बरामद
अहमदाबाद। उत्तरी गुजरात के बनासकांठा जिले की पुलिस ने नकदीऔर 25 करोड़ रुपये मूल्य की चांदी से भरा ट्रक बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, नकदी और चांदी से भरा यह ट्रक बावला-बागोदरा हाईवे से सोमवार रात को लूट लिया गया था।
लूट की जानकारी के बाद आसपास के जिलों को सतर्क किया गया था। मंगलवार सुबह देसा तालुका के भोयान गांव से ट्रक समेत लूट का माल बरामद कर लिया गया। अहमदाबाद(ग्रामीण) एसपी गगनदीप गंभीर ने कहा कि ट्रक में रखी कुल नकदी और चांदी के मूल्य का अभी आकलन नहीं हो सका है। ट्रक के ड्राइवर और क्लीनर से पूछताछ की जा रही है।
कूरियर से नकदी व जेवरात भेजने का खेल पुराना
अकेला (मिड-डे), मुंबई। मुबंई मेंसेंट्रल रेलवे कंपाउंड से मंगलवार को करीब 250 करोड़ की नकदी और जेवरात पकड़े जाने के बाद पता चला है कि यह नया खेल नहीं है। पिछले पांच वर्ष पहले तक आंगड़िए (निजी कूरियर कंपनियां) निजी स्तर पर इस लेनदेन का संचालन करते थे। बाद में पुलिस से बचने के लिए इन लोगों ने साथ मिलकर काम को अंजाम देना शुरू कर दिया। बीते पांच वर्ष से हर दिन नकदी, हीरे और अन्य आभूषण से लदे 20 वाहन मुंबई सेंट्रल स्टेशन से गुजरात के अलग-अलग स्थानों परभेजे जाते हैं।
मंगलवार को इस तरह के लेनदेन को लेकर पड़े छापे के बाद भी व्यापारियों ने लेनदेन जारी रखा।
कई जगहों से झावेरी बाजार में दिन भर इकट्ठे किए गए आभूषणों और नकदी को गुलालवाड़ी में ट्रकों में भरा जाता है। इसकी कीमत करीब 500 करोड़ रुपये होती है। सूत्रों ने बताया कि वीपी रोड, डीबी मार्ग, नागपाड़ा और टारेडियो थाने सहित जीआरपी व आरपीएफ को इन्हें सुरक्षा देने के एवज में अच्छी-खासी रकम अदा की जाती है। सभी ट्रक जिन मार्गोँ से गुजरते हैं, वहां तैनात यातायात पुलिस के सिपाहियों को हर ट्रक पर 50 रुपये दिए जाते हैं। एक आंगड़िए ने बताया कि सभी लेनदेन जुबानी होता है। इसमें हरतरह की गणना ब्लैकबोर्ड पर करने के बाद मिटा दिया जाता है। नोट गिनने के लिए मशीन का इस्तेमाल किया जाता है।
सूत्रों की मानें तो गुजरात के सूरत, अहमदाबाद, वापी और नाडियाड के लिए नकदी व जेवरात ट्रेन पर लोड होने के बाद जीआरपी और आरपीएफ की निगरानी में आ जाते हैं। इसके एवज में दोनों विभागों को लाखों रुपये दिए जाते हैं। गुजरात में मौजूद शख्स के पास ऐसा मोबाइल नंबर होता है, जिसकी जानकारी सिर्फ ट्रेन में सफर करने वाले एक अन्य आदमी को होती है।