Indian Railways News => Topic started by Mafia on Aug 08, 2013 - 16:00:12 PM


Title - train inside the tunnel - बजी खतरे की घंटी, लगाया इमरजेंसी ब्रेक और टनल में फंस गई ट्रेन
Posted by : Mafia on Aug 08, 2013 - 16:00:12 PM

जम्मू कश्मीर के उधमपुर जिला मुख्यालय से करीब 18 किलोमीटर दूर दरसू इलाके में मंगलवार सुबह करीब सवा सात बजे भूस्खलन से पहाड़ी का एक हिस्सा चट्टानों के साथ रेलवे टनल नंबर 16 पर आ गिरा।

इससे टनल का लगभग 17. 5 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और मलबा टनल में भर गया। इसी दौरान उधमपुर से इंदौर जा रही मालवा एक्सप्रेस टनल के पास पहुंची।

ड्यूटी पर तैनात गैंगमैन ने ट्रेन चालक को खतरे से आगाह किया। चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाए, फिर भी ट्रेन का इंजन मलबे में घुस गया। गैंगमैन और ड्राइवर की मुस्तैदी से एक बड़ा हादसा टल गया।

जम्मू-उधमपुर ट्रैक पर पूरे दिन रेल यातायात ठप रहा। हादसे में कोई भी यात्री घायल नहीं हुआ। रेलवे विभाग के इंजीनियरों का कहना है कि रेल मार्ग को जल्द खोलने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

रेलकर्मियों का कहना था कि अगर ट्रेन पटरी से उतर जाती तो काफी जानमाल का नुकसान हो सकता था।

सुबह करीब पौने सात बजे मूसलाधार बारिश के दौरान मालवा एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय पर उधमपुर से रवाना हुई। रौंदोमेल से होकर जैसे ही ट्रेन टनल नंबर 18 के पास पहुंची तो अचानक दरसू इलाके से पहाड़ी का एक हिस्सा चट्टानों और मलबे के साथ टनल नंबर 16 पर आकर गिरा।

इससे टनल के अंदर मलबा भर गया। यह हालात देख ड्यूटी पर तैनात गैंगमैन ने खतरे का अलार्म बजा दिया और लाल झंडी दिखाकर मालवा एक्सप्रेस के चालक को अलर्ट किया।

खतरे की भनक लगते ही चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। इसके बावजूद गति तेज होने के कारण इंजन मलबे के अंदर धंस गया। चालक भी मलबे में फंस गया। बाद में अन्य रेलकर्मियों ने फौरन चालक को सुरक्षित बाहर निकाला।

ट्रेन अचानक झटके के साथ टनल नंबर 16, 17 और 18 के अंदर रुकने से यात्री भी घबरा गए और अफरातफरी का माहौल बन गया। सभी यात्रियों को डीएमयू में बैठाकर वापस रेलवे स्टेशन उधमपुर पहुंचाया गया।

स्टेशन पहुंच कर यात्रियों ने राहत की सांस ली। रेलवे के असिस्टेंट डिवीजनल इंजीनियर कुलदीप सिंह ने बताया कि यात्रियों को सुरक्षित निकाल कर स्टेशन पहुंचाने के बाद मलबा हटाकर ट्रैक को खोलने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। पूरा प्रयास होगा कि रात तक ट्रैक को खोल दिया जाए।