Indian Railways News => Topic started by railgenie on Aug 03, 2013 - 05:59:59 AM


Title - अक्टूबर में तैयार होगा पुरनिया रेलवे क्रॉसिंग का पुल Lucknow | अंतिम अपडेट 2 अगस्त 2013
Posted by : railgenie on Aug 03, 2013 - 05:59:59 AM

लखनऊ । पुरनिया रेलवे क्रॉसिंग पर पुल अक्टूबर तक तैयार हो जाएगा। इसके बाद क्रॉसिंग को बंद कर दिया जाएगा। पुल शुरू होने के बाद शहरवासियों को जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी। यह जानकारी गुरुवार को पूर्वोत्तर रेलवे के डीआरएम विनोद कुमार यादव ने अपने विदाई समारोह में दी। गौरतलब है कि विनोद कुमार के स्थान पर अनूप कुमार शुक्रवार को नए डीआरएम का कार्यभार ग्रहण करेंगे, जबकि विनोद कुमार की तैनाती के आदेश जल्द ही रेलवे बोर्ड जारी करेगा।
विनोद कुमार ने बताया कि पुरनिया पुल का निर्माण 52 करोड़ रुपये की लागत से पूरा होगा। रेलवे और राज्य सरकार को इस लागत का आधा-आधा हिस्सा वहन करना है। रेलवे बोर्ड से पुल के लिए 26 करोड़ रुपये स्वीकृत हो गए हैं लेकिन नियम के अनुसार इनको अगले वित्तीय वर्ष में ही जारी किया जाएगा। राज्य सरकार ने अक्टूबर तक इस पुल को तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। धन की कमी के कारण पुल का काम न रुके इसके लिए रेलवे ने विशेष अधिकार का इस्तेमाल करते हुए सेतु निगम से इसकी पूरी लागत लगाकर तैयार करने को कह दिया है। अब रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर वाला पुल का हिस्सा भी सेतु निगम तैयार करेगा। रेलवे अगले वर्ष धनराशि जारी होते ही सेतु निगम को 26 करोड़ रुपये वापस कर देगा। चूंकि रेलवे और राज्य सरकार पुल निर्माण के आधे हिस्से का वहन करेंगे, इसलिए पुल के नीचे वाली क्रॉसिंग को बंद कर दिया जाएगा। यहां यातायात केवल पुल से ही जा सकेगा।
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आनंदनगर-बढ़नी के बीच दौड़ेगी डीएमयू
नेपाल सीमा से सटे पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के आनंदनगर-बढ़नी रेलवे स्टेशनों के बीच जल्द ही एक जोड़ी डीजल मोटर यूनिट (डीएमयू) ट्रेन दौड़ेगी। पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक केके अटल ने लखनऊ मंडल को डीएमयू के संचालन के लिए आदेश जारी कर दिए हैं। इस ट्रेन के चलने से नेपाल सीमा के स्टेशनों तक यात्रा करना और आसान होगा।
अगले वर्ष शुरू होगा गोमतीनगर टर्मिनल का दूसरा चरण
डीआरएम ने बताया कि गोमतीनगर टर्मिनल बनाने का दो चरण के प्रोजेक्ट के पहले चरण का काम अंतिम दौर में पहुंच गया है। यहां दो अतिरिक्त प्लेटफार्म का निर्माण का बीस फीसद काम ही बचा है। अब दूसरे चरण में लगभग 48 करोड़ रुपये की लागत से दो और प्लेटफार्म, स्टेशन भवन, यात्री प्रतीक्षालय और वॉशिंग लाइन के निर्माण के लिए अगले बजट में धन जारी होगा। अगले वर्ष अप्रैल में टर्मिनल के निर्माण का काम शुरू होगा। टर्मिनल बनने से गोरखपुर की ओर जाने वाली ट्रेनें लखनऊ की जगह वहां से ही रवाना हो सकेंगी।
बढ़ेंगी ट्रेनों की संख्या
गोरखपुर और लखनऊ के बीच आने वाले दिनों में ट्रेनों की संख्या बढ़ेंगी। गोरखपुर स्टेशन पर यार्ड रिमॉडलिंग के बाद अब आधुनिक सिग्नल लगाने के लिए नॉन इंटरलॉकिंग का काम छह अक्टूबर को शुरू होगा। इससे पहले 26 सितम्बर को नॉन इंटरलॉकिंग के लिए अभ्यास होगा। नॉन इंटरलॉकिंग के बाद तीन नए प्लेटफार्म बढ़ने से ट्रेनों की संख्या में भी वृद्घि होगी।