Indian Railways News => Topic started by riteshexpert on Jul 08, 2013 - 15:00:47 PM


Title - आरक्षण काउंटर दलालों के कब्जे में
Posted by : riteshexpert on Jul 08, 2013 - 15:00:47 PM

प्रतापगढ़। आरक्षण काउंटर पर दलालों का कब्जा होने से लोग परेशान हैं। आए दिन हंगामा और मारपीट करना और लाइन में लगे लोगों को हटाकर जबरन टिकट लेना आम बात हो गई है। रविवार को दलालों ने पहले से लाइन में लगे एक व्यक्ति की पिटाई कर दी।
शहर के सीताराम गली निवासी प्रेमनाथ दोपहर दो बजे तत्काल टिकट के लिए लाइन में लगे तो थोड़ी देर बाद कुछ लोग वहां पहुंचे और उससे पीछे जाने की बात कही। नहीं मानने पर साथियों को बुलाकर उसकी पिटाई कर दी। करीब 15 मिनट तक उसे पीटते रहे लेकिन न तो आरपीएफ का कोई सिपाही पहुंचा और न ही जीआरपी का। उन लोगों ने उसे पीटकर बेदम कर दिया। सूचना पर जीआरपी का एक सिपाही पहुंचा और उसे थाने ले गया। वहां प्रेमनाथ ने मारपीट करने वालों के विरुद्ध तहरीर दी। प्रेमनाथ को मुंबई के टिकट की इतनी जरूरत थी कि वह मार खाने के बाद भी टिकट लेने की बात कह रहा था। आरपीएफ के दरोगा और सिपाही स्टेशन पर तमाम जगह तैनात रहते हैं लेकिन आरक्षण काउंटर पर भूल से भी नहीं फटकते। ऐसे में वहां दलालों का राज है।
मारपीट की घटना नई बात नहीं है। इस तरह की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। दलाल पहले नंबर के लिए लाइन लगाते हैं। यदि कोई आम आदमी आगे खड़ा हो गया तो उसकी खैर नहीं। आरक्षण काउंटर के पास आरपीएफ की ड्यूटी नहीं होने से उनके हौसले बढ़े रहते हैं। कुछ दिन पहले भी एक युवक की जमकर पिटाई की गई थी। उसकी तो चेन भी दलालों ने गायब कर दी थी। मामले की तहरीर दी गई लेकिन कार्रवाई के नाम पर सब कुछ सिफर ही रहा।
मुंबई जाने के लिए तत्काल टिकटों के फार्म बंटने के समय रोजाना हंगामा मचता है। लाइन में लगे लोग फार्म छीनने लगते हैं। रविवार की सुबह तत्काल के फार्म वितरण के दौरान छीनाझपटी मची तो एक फार्म बीच से फट गया। दोनों काउंटरों पर 10-10 लाल फार्म बांटे जाते हैं। ऐसे में हर कोई लाल फार्म लेेने के लिए झपट पड़ता है। आगे पीछे लगे लोग लाइन तोड़कर फार्म लेने के लिए परेशान हो जाते हैं। रविवार को अव्यवस्था का आलम यह रहा कि 15वें नंबर पर मौजूद एक यात्री फार्म छीनने लगा। इस पर अन्य यात्रियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। बाद उसे उसका नंबर आने पर सफेद फार्म दिया गया। इससे वह नारेबाजी करने लगा। कुछ देर बाद आरपीएफ वहां पहुंची तो वह शांत हुआ।