Indian Railways News => Topic started by nikhilndls on Aug 11, 2013 - 08:57:22 AM


Title - कटनी रूट पर हुए हादसे से रेलवे को एक झटका में 50 करोड़ का नुकसान
Posted by : nikhilndls on Aug 11, 2013 - 08:57:22 AM

बिलासपुर। कटनी रूट पर हुए रेल हादसे के कारण रेल प्रशासन को एक झटके में 30 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हो गया। रेल प्रशासन नुकसान का आंकलन करने में जुटा है और प्रारंभिक आंकलन में आंकड़ा 30 करोड़ रुपए के पार पहुंच रहा है। सुधार कार्य की लागत को जोडऩे से यह आंकड़ा 50 करोड़ रुपए के पार होगा।

7 अगस्त की शाम कटनी रूट पर सारबहरा स्टेशन के करीब एक मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। इसके चलते इस रूट पर 44 घंटे तक रेल यातायात ठप रहा, वहीं 2 लाइट इंजन और 28 वैगन पटरी से उतरकर बुरी तरीके से क्षतिग्रस्त हो गए। शुक्रवार को रेल यातायात बहाल होने के बाद रेल प्रशासन यह जानकारी जुटा रहा है कि आखिर हादसे से नुकसान कितने का हुआ? यह काम अभी अधूरा है, लेकिन प्रारंभिक आंकलन के मुताबिक नुकसान का आंकड़ा 30 करोड़ रुपए के पार पहुंच चुका है।

नुकसान को ऐसे समझा जा सकता है कि हादसे में 28 वैगन व 2 लाइट इंजन पटरी से उतरे थे। इसमें से 10 वैगन एक दूसरे से इस तरह टकराए कि इन्हें काटकर अलग करना पड़ा। ये वैगन अब लोहे के टुकड़ों में तब्दील हो गए हैं। इसी तरह दोनों लाइट इंजन पटरी से बीस फीट दूर जाकर जमीन में धंस गए। इंजन पूरी तरह बेकार तो नहीं हुए, लेकिन इन्हें बाहर निकालना मुश्किल है। दो इंजनों की कीमत 7 करोड़ रुपए है। 18 वैगन क्षतिग्रस्त हुए हैं, लेकिन सुधार के बाद इनका उपयोग संभव है। एक वैगन की कीमत 25 लाख रुपए है, इस हिसाब से 10 वैगनों के चकनाचूर होने से 2.50 करोड़ रुपए का नुकसान हो गया। इसी तरह क्षतिग्रस्त 18 वैगनों में 12 लाख रुपए के औसत से 2.16 करोड़ रुपए की हानि का अनुमान है।

रेल प्रशासन को सबसे बड़ा नुकसान रेल यातायात के 44 घंटे ठप रहने से हुआ है। इस दौरान माल और यात्री परिवहन ठप रहने से कम से कम 10 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। इस तरह यह आंकड़ा 30 करोड़ रुपए पहुंच गया है। इसमें सुधार कार्य पर हुए खर्च को शामिल करने पर रेल प्रशासन को एक झटके में 50 करोड़ रुपए से ज्यादा की नुकसान हो गया।

तीसरे दिन भी प्रभावित रहीं ट्रेनें
रेल हादसे के चलते यात्री ट्रेनें लगातार तीसरे दिन भी प्रभावित रहीं। लखनऊ से दुर्ग आने वाली गरीबरथ, अमृतसर से विशाखापट्नम जाने वाली हीराकुंड, भोपाल से दुर्ग आने वाली अमरकंटक, जम्मूतवी से दुर्ग आने वाली जम्मूतवी और हरिद्वार से पुरी जाने वाली उत्कल एक्सप्रेस को बीच के स्टेशनों में कंट्रोल करते हुए लाया गया। इसके चलते ट्रेनें 4 से 7 घंटे तक लेट होकर बिलासपुर पहुंची। इसके अलावा बिलासपुर से कटनी के बीच चलने वाली मेमू लोकल को शहडोल में रद्द किया गया। बिलासपुर से इंदौर जाने वाली नर्मदा एक्सप्रेस को भी रद्द कर दिया गया।

आज अमरकंटक, कल नर्मदा एक्सप्रेस नहीं आएगी
रूट के खुलने में हुई देरी के कारण गुरुवार को ऐन वक्त पर दुर्ग-भोपाल अमरकंटक एक्सप्रेस को रद्द किया गया। इसके चलते भोपाल में रैक की कमी हुई और शुक्रवार को भोपाल से दुर्ग के लिए रवाना होने वाली ट्रेन को रद्द करना पड़ा। इस तरह अमरकंटक एक्सप्रेस शनिवार की सुबह बिलासपुर नहीं आएगी। बिलासपुर से इंदौर जाने वाली नर्मदा एक्सप्रेस शुक्रवार को रद्द रही। इसके चलते इंदौर में शनिवार को रैक की कमी रहेगी। नतीजतन नर्मदा एक्सप्रेस शनिवार को इंदौर से रवाना नहीं होगी। यानी रविवार को कटनी से बिलासपुर के बीच इस ट्रेन की सुविधा नहीं मिलेगी।