Indian Railways News => Topic started by greatindian on Jul 05, 2013 - 09:00:39 AM


Title - चाल कछुए की और किराया एक्सप्रेस का
Posted by : greatindian on Jul 05, 2013 - 09:00:39 AM

जबलपुर. "खरगोश और कछुए की रेस" की कहानी रेल्वे की ट्रेन चरितार्थ कर रही है. पैसेंजर की चल एक्सप्रेस ट्रेनें चल रही है. इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है. ज्यादा किराया देने के बावजूद यात्री देरी से पहुँचते है. जबलपुर से इटारसी तक जाने के लिए ट्रेन संख्या 11272 भोपाल इटारसी व्य बीना एक्सप्रेस में 65 रुपये और 51674 सतना इटारसी पैसेंजर में 40 रुपये लगते है. दोनों ट्रेनों के जबलपुर से इटारसी पहुँचने के समय में 30 मिनिट का अन्तर आता है. लिकेन एक्सप्रेस आधिकारिक स्टापेज न होने के बावजूद बेलखेड़ा, घाट्पिंडरई, सहित जुनैटा जैसे स्टेशनों पर पर अक‍सर ठहरती है. जिसके कारण दोनों ट्रेनों का इटारसी पहुँचने में एक सा समय लग जाता है. ऐसे में उन यात्रियों को नुकसान हो रहा है. जो समय बचाने के चक्कर में दो गुना पैसे देकर यात्रा कर रहे है. रेल्वे सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ट्रेन संख्या 11272 सुबह 7 बजे जबलपुर से चल कर दोपहर 12.20 बजे इटारसी पहुँचती है. जबकि यह ट्रेन 20 स्टेशनों जिसमे जबलपुर, मदन महल, भेड़ाघाट, भिटोनी, विक्रमपुर, श्रीधाम, करकबेल, नरसिंहपुर, करेली, बोहानी, गाडरवाड़ा, सालीचौका, बनखेड़ी, पिपरिया, सोहागपुर, गुर्र्मखेड़ी, बागरातवा, सोनातलई, गुर्रा, होते हुए 5 घंटा 20 मिनिट में इटारसी पहुँचती है. परंतु ट्रेन संख्या 51674 सतना- इटारसी पैसेंजर शाम 6 बजाकर 20 मिनिट पर जबलपुर से छूटकर रात्रि 11 बजकर 15 पर 24 स्टेशनों का सफर तय करते हुए इटारसी पहुँचती है. जिसमे जबलपुर, मदनमहल, भेड़ाघाट, भिटौनी, विक्रमपुर, श्रीधाम, करकबेल, बेलखेड़ा, घाट्पिंडरई, नरसिंहपुर, करेली, करपगाँव, बोहानी, गाडरवाड़ा, सालीचौका, जुनैटा, बनखेड़ी, पिपरिया, शोभापुर, सोहागपुर, गुर्रमखेड़ी, बागरातवा, सोनतलाई, गुर्रा, होते हुए 4 घंटा 50 मिनिट पर इटारसी पहुँचती है. याने पैसेंजर ट्रेन अधिक स्टापेज होने के बावजूद 30 मिनिट पहले एक्सप्रेस ट्रेन से पहुँच जाती है.