| Indian Railways News => | Topic started by puneetmafia on Jun 14, 2013 - 18:01:15 PM |
Title - झारखंड में साफ्ट टारगेट रही है ट्रेन, माओवादी कर चुके हैं दो बार हाईजैकPosted by : puneetmafia on Jun 14, 2013 - 18:01:15 PM |
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झारखंड में भी नक्सलियों के साफ्ट टारगेट में रही हैं ट्रेनें। इन्होंने जब चाहा रेल को अपना निशाना बनाया। सीआईसी सेक्शन पर दो बार माओवादी यात्री ट्रेन को हाईजैक कर चुके हैं। इसके अलावा नक्सली बंदी के दौरान अक्सर सीआईसी सेक्शन नक्सलियों का निशाना बनता रहा है। राज्य में सबसे ज्यादा नक्सली घटनाएं सीआईसी रेल सेक्शन और हावड़ा से जमशेदपुर होकर उड़ीसा की ओर जाने वाले रेलखंड पर होती रही हैं। माओवादियों ने साल 2005 में कुमांडी एवं हेहेगढ़ा रेलवे स्टेशन के पास रात भर यात्री ट्रेन को बंधक बनाए रखा था। सुबह होने पर ही माओवादियों ने ट्रेन को मुक्त किया। नक्सलियों ने रेल के इंजन को जलाने का भी प्रयास किया था। इस दौरान हजारों यात्री दहशत में रहे। इसी तरह साल 2009 में बढ़निया घटना के विरोध में माओवादियों ने दिन में ही हेहेगढ़ा रेलवे स्टेशन के पास चार घंटे तक ट्रेन को रोक कर अपने कब्जे में रखा। हालांकि इन्होंने यात्रियों को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया। साल 2006 में सीआईसी सेक्शन के रिचुगड़ा रेलवे स्टेशन के निकट यात्री ट्रेन पर सुरक्षा के लिए तैनात पांच आरपीएफ के जवानों पर हमला करके उग्रवादियों ने उनके हथियार लूट लिए थे। इसी तरह पश्चिम सिंहभूम के मनोहरपुर इलाके में पुश्तैना रेलवे स्टेशन के निकट 19 नवंबर 2009 को माओवादियों ने एक यात्री ट्रेन पर हमला किया था। टाटानगर विलासपुर यात्री ट्रेन को बम से उड़ाने का प्रयास किया गया था जिसमे साठ यात्री घायल हुए थे और एक महिला एवं एक पुरुष की मौत हो गई थी। |