Indian Railways News => Topic started by messanger on Jul 12, 2013 - 16:00:17 PM


Title - ट्रेन रोके जाने पर रेलवे को यात्रियों को मुआवजा -
Posted by : messanger on Jul 12, 2013 - 16:00:17 PM

ट्रेन रोके जाने पर रेलवे को यात्रियों को मुआवजा देने का आदेश

राष्ट्रीय राजधानी के एक उपभोक्ता कोर्ट ने कहा है कि यात्रा के दौरान भीड़ द्वारा ट्रेन को बंधक बनाए जाने और यात्रियों को हिंसा की धमकी दिए जाने को लेकर बीच में ही सफर छोड़ने वाले यात्री रेलवे से मुआवजे के हकदार हैं। नई दिल्ली जिला उपभोक्ता विवाद निवारण मंच ने 'भारतीय रेल' को दिल्ली स्थित एक वकील को ट्रेन से यात्रा के दौरान हुई असुविधा को लेकर मुआवजे के तौर पर 5,000 रुपये अदा करने का निर्देश दिया है।

गौरतलब है कि नवंबर 2009 में शिकायतकर्ता मनमोहन गोयल नामक वकील जिस ट्रेन से सफर कर रहे थे उसे गुस्साई भीड़ ने रोक लिया था और वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने की वजह से वे अपना सफर पूरा नहीं कर पाए थे। मंच ने कहा कि भीड़ ने यात्रियों को हिंसा की धमकी दी और ट्रेन को बंधक बना लिया जिसके चलते यात्री को बीच रास्ते में ही सफर छोड़ने के चलते हुए नुकसान पर कानूनन रेलवे को भरपाई करनी होगी।

जज सीके चतुर्वेदी की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि रेलवे की ओर से कोई बचाव नहीं किए जाने के अभाव में हम रेलवे को दोषी ठहराते हैं। यात्री को हुई परेशानी, असुविधा और यात्रा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का अभाव तथा मुकदमे का खर्च सहित मुआवजे के रूप में 5,000 रुपये अदा करने का हम निर्देश देते हैं।

शिकायतकर्ता गोयल ने आरोप लगाया था कि जब वे तीन नवंबर 2009 को शताब्दी एक्सप्रेस से अलवर जा रहे थे, तभी स्थानीय भीड़ ने कथित तौर पर छह लोगों की मौत होने के चलते ट्रेन को बंधक बना लिया था। गोयल के मुताबिक ट्रेन को कुछ घंटों तक बंधक बना कर रखा गया लेकिन रेलवे पुलिस नहीं बुलाई गई और भीड़ ने यात्रियों को हिंसा की धमकी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में और भीड़ से अपनी जान बचाने के लिए उन्होंने यात्रा बीच में ही छोड़ने का फैसला किया और अतिरिक्त खर्च कर एक टैक्सी से दिल्ली वापस लौट आए।

सरोज त्रिपाठी