Indian Railways News => Topic started by nikhilndls on Mar 25, 2013 - 21:01:15 PM


Title - डीएमयू फिर लेट, मुसाफिरों की नारेबाजी
Posted by : nikhilndls on Mar 25, 2013 - 21:01:15 PM

अंशकालिक प्रतिनिधि, तरनतारन : 106
वर्ष पूर्व अमृतसर से कसूर तक रेल ट्रैक
बिछाया गया था। आजादी के बाद कसूर
पाकिस्तान का हिस्सा बन गया और ट्रेन
की सुविधा लोगों को खेमकरण तक
ही मिलने लगी। सीमावर्ती गांवों के
लिए रेल सुविधा वरदान बनी, लेकिन
वर्तमान में यह
सुविधा लोगों को दुविधा में डाल रही है।
अमृतसर-खेमकरण रेल ट्रैक पर रोजाना आठ
बार डीएमयू दौड़ती है। इन दिनों ट्रैक
पर विकास कार्य के चलते डीएमयू 20 से
50 मिनट तक लेट चल रही है। रविवार
को डीएमयू करीब तीन घंटे स्टेशन पर
खड़ी रही। इसे मुसाफिर भड़क गए और रेल
प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर
दी। मुसाफिरों ने कहा कि अगर गाड़ी लेट
चलनी थी तो विभाग
मुसाफिरों को सूचित क्यों नहीं करता है।
इसके बाद डीएमयू को अमृतसर के लिए
3.28 बजे रवाना किया गया।
अमृतसर-खेमकरण रेल ट्रैक को बदलने
का काम इन दिनों चल रहा है।
कक्का कंडियाला रेलवे फाटक पर काम के
चलते शुक्रवार को 24 घंटे के लिए रेलवे से
मंजूरी ली गई थी, लेकिन काम शनिवार
देर शाम काम चलता रहा। इससे डीएमयू
करीब 20 मिनट से 50 मिनट तक लेट
चलती रही। रविवार दोपहर को भी जब
गाड़ी करीब तीन घंटे तक
नहीं चली तो स्टेशन पर मुसाफिरों ने
नारेबाजी शुरू कर दी। लोगों ने
कहा कि कभी गाड़ी 20 मिनट तो कभी 5
मिनट में चलने की घोषणा करवाई
जाती रही। ऐसे करते-करते तीन घंटे हो गए। सिमरन कौर ने
बताया कि उसने दोपहर ढाई बजे अमृतसर
से दिल्ली के लिए ट्रेन पकड़नी थी, परंतु
डीएमयू के कारण गाड़ी छूट गई है।
पट्टी से अमृतसर जाने वाले जसबीर सिंह व
सुखदीप सिंह ने बताया कि डीएमयू ने
परेशान कर दिया है। पट्टी के पूर्व
पार्षद कुलविंदर सिंह बब्बा, गुरमीत
सिंह, जुगल महाजन व जिला अध्यक्ष केवल
कृष्ण ने बताया कि डीएमयू घंटों लेट चलने
से परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सीमावर्ती गांव घरियाला से परिवार
सहित अमृतसर जाने वाले गुरबिंदर सिंह ने
कहा कि स्थानीय
अधिकारी गाड़ी की सही जानकारी लोगों
को नहीं दे रहे हैं।
वहीं रेलवे स्टेशन तरनतारन के एसएसओ
सुरजीत सिंह ने कहा कि पुल पर रेल ट्रैक
का काम चलने से
गाड़ी को खड़ा करना पड़ा।
मुसाफिरों की सुविधा का पूरा ध्यान
रखा जाता है।