Indian Railways News => Topic started by riteshexpert on Aug 05, 2013 - 14:59:16 PM


Title - तीसरे दिन नहीं सुधरा ट्रैक का हाल, रद्द रहीं ट्रेन इंतजार करते रहे यात्री
Posted by : riteshexpert on Aug 05, 2013 - 14:59:16 PM

सरोना स्टेशन के पास मालगाड़ी के डिब्बे उतरने से क्षतिग्रस्त रेल पटरियों की मरम्मत तीसरे दिन भी जारी रही। इस कारण रविवार को भी ट्रेनों के परिचालन पर इसका विपरीत असर दिखा। पुरी-दुर्ग-पुरी इंटरसिटी की अप और डाउन दोनों ही ट्रेनों को रद्द कर दिया गया।

दुर्ग से छूटने वाली ट्रेन का समय सुबह 8.40 और पुरी से दुर्ग तक आने वाली ट्रेन का समय शाम 5 बजे था। इस ट्रेन के रद्द होने से यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। रायपुर से पुरी जाने वाले डेढ़ सौ अधिक यात्रियों को टिकट कैंसिल करानी पड़ी। दोपहर 12.35 बजे रायपुर-दुर्ग लोकल को भी रद्द कर दिया गया। इसके अलावा अप और डाउन दोनों ही रूट की ट्रेनें 3 से 7 घंटे तक की देरी से रायपुर स्टेशन पहुंचीं। भोपाल से दुर्ग आने वाली अमरकंटक एक्सप्रेस सुबह 7 बजे की जगह पर शाम 7 बजे रायपुर पहुंची।  इसके चलते दुर्ग से भोपाल जाने वाली अमरकंटक एक्सप्रेस भी रात 11 बजे रायपुर पहुंची। इसका सही समय शाम 7 बजे है। कई लोग  स्टेशन से ट्रेन की टाइमिंग देखकर लौट गए।

हावड़ा-मुंबई रूट की ट्रेनें पहुंचीं देरी से

शुक्रवार और शनिवार को हावड़ा-मुंबई रूट की अप और डाउन दोनों ही ट्रेनें 10 घंटे से अधिक की देरी से चलीं। चूंकि ये ट्रेनें लंबी दूरी तय करती हैं। 24 घंटे की जर्नी के बाद मुंबई-हावड़ा रूट की ट्रेनें अपनी गंतव्य स्टेशन पर पहुंची। इस वजह से वहां से लौटने वाली ट्रेनें भी देरी से चल रही हैं। डाउन रूट की आजादहिंद एक्सप्रेस तीन घंटे की देरी से चली। हावड़ा-एलटीटी समरसता एक्सप्रेस दोपहर 12.45 बजे की बजाए शाम 6 बजे पहुंची। इसी अप रूट की हावड़ा-मुंबई मेल सहित सभी ट्रेनें 4 घंटे की देर से रायपुर पहुंचीं। रेलवे की ओर से बताया गया है कि मंगलवार को ही मुंबई-हावड़ा की अप और डाउन दोनों रूट की ट्रेनों का नियत समय पर परिचालन हो पाएगा।

क्षतिग्रस्त पटरी को बदलने का काम जारी
दुर्घटना के तीसरे दिन भी क्षतिग्रस्त रेल पटरियों व स्लीपर को बदलने का काम जारी रहा। हालांकि मरम्मत का काम लगभग पूरा हो गया है लेकिन इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी सावधानी के साथ निरीक्षण कर रहे हैं। सरोना स्टेशन से लेकर बाईपास ट्रैक तक का निरीक्षण किया जा रहा है। पूरी से क्षतिग्रस्त हो चुके ऑटोमेटिक ट्रैक चेंजर सिस्टम को भी बदल दिया गया है। रायपुर रेल मंडल ने दुर्घटना स्थल पर गति सीमा को अभी 10 किलोमीटर प्रति घंटा ही रखा है। सब कुछ सामान्य होने के बाद ही सोमवार से गति सीमा बढ़ाई जाएगी।