Indian Railways News => Topic started by messanger on Aug 19, 2013 - 17:58:03 PM


Title - धमारा तक नहीं है रोड, कैसे पहुंचे राहत, ट्रेन का ही सहारा
Posted by : messanger on Aug 19, 2013 - 17:58:03 PM

अंतिम सोमवारी के दिन बिहार के खगड़िया जिले में राजरानी एक्सप्रेस से कटकर 40 से ज्यादा लोगों की मौत हो गयी और करीब दो दर्जन घायल हो गये। गुस्साये लोगों ने दो ट्रेनों में आग लगा दी और रेलवकर्मियों को बंधक बना लिया। हादसा सुबह साढ़े सात बजे की है। हादसा सहरसा-मानसी रेल खंड पर हुआ। राहत टीम कोपरिया सटेशन पर ही ठहरी हुई है। लोगों के गुस्से की खबरों के चलते राहतकर्मियों को आगे बढ़ने में मुश्किल हो रही है।

बताया जाता है कि खगड़िया जिले के धमारा घाट के पास हुई घटना के बाद अफरा-तफरी मच गयी। राजरानी एक्सप्रेस सहरसा स्टेशन से खुलकर पटना आने वाली थी। धमारा घाट स्टेशन के पास ही कात्यायनी शक्तिपीठ धाम है। अंतिम सोमवारी पर मंदिर में मेले का आयोजन किया गया था। लोग शिव पर जल चढ़ाने के लिए वहां बड़ी संख्या में जुटते हैं।

पहले से ही धमारा घाट के अप और डाउन ट्रैक पर दो पैसेंजर ट्रेनें खड़ी थी। लूप लाइन से राजरानी को निकाला जा रहा था। राजरानी का वहां ठहराव नहीं था। बताया जाता है कि लोगों ने राजरानी को रोकने की कोशिश की। मरने वालों में सभी कांवरिया बताये जाते हैं तो शिव मंदिर में जल चढ़ाने के लिए जाने वाले थे।
धमारा घाट तक पहुंचने के लिए कोई सड़क नहीं है। एडीजी लॉ एंड आर्डर एसके भारद्वाज ने बताया कि बचाव व राहतकर्मियों को मौके तक पहुंचने में तीन किलोमीटर से ज्यादा पैदल चलना पड़ेगा। इस बीच समस्तीपुर के डीआरएम ने हादसे में 15 मौतों की पुष्टि की है।

हादसे के बाद गुस्साये लोगों ने तीन ट्रेनों के कर्मियों को बंधक बना लिया। एक अपुष्ट खबर के अनुसार लोगों ने राजरानी एक्सप्रेस के ड्राइवर को पीट-पीट कर मार डाला और दूसरे कर्मियों का कुछ पता नहीं चल पा रहा है। एसके भारद्वाज ने बताया कि लोग गुस्से में हैं और स्थिति गंभीर बनी हुई है। लोगों ने कई डिब्बों में आग लगा दी। हालत तनावपूर्ण बना हुआ है। मौके पर अगल-बगल के हजारों लोग जुट गये हैं। वे सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।

इस बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन से बात की। खगड़िया के डीएम और एसपी से उन्होंने फोन पर हालात का जायजा लिया। रेलवे के अधिकारी मौके पर जाने में हिचक रहे हैं क्योकि लोग बेहद नाराज हैं।