Indian Railways News => Topic started by Jitendar on Aug 14, 2013 - 03:00:38 AM


Title - नौकरी लगाने फर्जी मेडीकल टेस्ट कराने आया रेल कर्मी सस्पेंड
Posted by : Jitendar on Aug 14, 2013 - 03:00:38 AM

पलपल इंडिया संवाददाता, जबलपुर. पश्चिम मध्य रेल मुख्यालय के भोपाल मंडल के सुरक्षा विभाग में पदस्थ एक रेल कर्मी को विजिलेंस की टीम ने उस वक्त गिरफ्तार किया है जब वह उदयपुरा भोपाल के दो युवकों को नौकरी ज्वाइन कराने के नाम पर मेडीकल टेस्ट कराने रेल्वे चिकित्सालय आया था. भनक लगते ही मौके पर पहुँची विजिलेंस टीम के सदस्यों ने उक्त रेल कर्मी की सारी हक़ीक़त साफ़ कर दी और हक़ीक़त सामने आते ही ठगी का शिकार हुए दोनों बेरोजगार युवक हाथ मलते रह गए. घटना की जानकारी लगते ही वरिष्ठ रेल अधिकारियों ने उक्त कर्मचारी को निलंबित कर दिया है. विजिलेंस यह पता लगाने में जुट गई है कि कही यह किसी बड़े गिरोह का सदस्य तो नही है.

ये है मामला-

भोपाल मंडल के रेल सुरक्षा विभाग में चपरासी के पद पर पदस्थ ओम प्रकाश नरवरिया ने भोपाल उदयपुरा के दो बेरोजगार युवकों नांदेश्वर चौकसे व घनश्याम को मीठी-मीठी बातों में फंसाकर रेल्वे बोर्ड तक का संबंध होने का हवाला देते हुए इन्हे अपने झाँसे में फँसा दोनों से नौकरी लगवाने 3 लाख की माँग की. रेल्वे में इतने कम में नौकरी की बात में वे उक्त कर्मी के झाँसे में आ गए और सौदा भी तय हो गया था. लगभग ढाई लाख रुपये देने के बाद जब कुछ नही हुआ तो युवकों ने नरवरिया से नौकरी के संबंध में बात की उसने कहा कि सब हो गया. सोमवार को मेडीकल परीक्षण कराना है. जहाँ पर परीक्षण के पहले चिकित्सक को 30 हजार रुपये देने होंगे.

युवक तीस हजार रुपये लेकर रेल कर्मी के साथ रेल्वे चिकित्सालय पहुँच गए. तीस हजार रुपये भी रेल कर्मी को दे दिए. इधर-उधर घुमाने के बाद जब रेल कर्मी दोनों युवकों को चाय कैंटीन में लेकर पहुँचा था कि पश्चिम मध्य रेल्वे की विजिलेंस वहां पहुँच गई और दूध का दूध, पानी का पानी हो गया.