Indian Railways News => Topic started by eabhi200k on Aug 05, 2013 - 17:59:48 PM


Title - पटरी से उतरी मालगाड़ी तो बाकी ट्रेनों को वापस बुलाकर बदले रूट से भेजी ट्रेनें
Posted by : eabhi200k on Aug 05, 2013 - 17:59:48 PM

सरोना में हुए हादसे से हावड़ा-मुंबई मेन लाइन पर रेल यातायात इस तरह बाधित हुआ कि रायपुर, भाटापारा से लेकर तिल्दा में खड़ी ट्रेनों को वापस बिलासपुर लाया गया और व्हाया कटनी, भोपाल से रवाना किया गया। इस फेर में हावड़ा से मुंबई जाने वाली ट्रेनों को 200 से 250 किलोमीटर का सफर अतिरिक्त तय करना होगा, वहीं ट्रेनें मंजिल पर 15 से 20 घंटे लेट होकर पहुंचेंगी।

शुक्रवार को रायपुर मंडल के सरोना रेलवे स्टेशन में मालगाड़ी सुबह 10:30 बजे पटरी से उतर गई। इसके कारण हावड़ा-मुंबई रूट पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। इधर हावड़ा से मुंबई जाने वाली मेल, ज्ञानेश्वरी, आजाद हिंद जैसी ट्रेन सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच बिलासपुर पहुंचती हैं। ये सभी ट्रेनें शुक्रवार को अपने निर्धारित समय पर बिलासपुर पहुंची और रायपुर की ओर बढ़ गईं। हावड़ा-पुणे आजाद हिंद, हावड़ा-एलटीटी ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस और हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस क्रमश: रायपुर व तिल्दा में कंट्रोल की गईं। आजाद हिंद और ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस सुबह 11 बजे से तो अहमदाबाद एक्सप्रेस शाम 5 बजे से उक्त स्टेशनों में ठहरी रहीं। रेल प्रशासन को उम्मीद थी कि रेल यातायात को शाम तक बहाल कर लिया जाएगा। मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी पर ही पलट गए थे, जिसे उठा पाना आसान नहीं था। सुबह 11 बजे से सुधार कार्य शुरू तो हुआ, लेकिन रात 8 बजे तक किसी एक लाइन को भी फिट नहीं किया जा सका। आखिरकार रेल प्रशासन ने ट्रेनों को बदले रूट से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। आजाद हिंद को रायपुर से तो ज्ञानेश्वरी और अहमदाबाद एक्सप्रेस को तिल्दा से वापस बिलासपुर लाया गया। ये सभी ट्रेनें रात 10 बजे के बाद बिलासपुर पहुंची, यानी तीनों ट्रेनें उक्त स्टेशनों पर 5 से 9 घंटे तक एक स्टेशन पर खड़ी रहीं। इन ट्रेनों को बिलासपुर से कटनी, बीना भोपाल होते हुए मुंंबई भेजा गया। इसी तरह हावड़ा-सीएसटीएम दूरंतो व हावड़ा-एलटीटी एक्सप्रेस को बिलासपुर से कटनी रूट पर रवाना किया गया।

229 टिकटों के डेढ़ लाख रुपए लौटाए

रेल यातायात बाधित होने के कारण यात्रियों को खासी परेशानी हुई। ट्रेनें अनिश्चितकालीन लेट थीं, लिहाजा यात्रियों को यात्रा ही रद्द करनी पड़ी। शुक्रवार को दोपहर 3 बजे से रात 10 बजे तक रिजर्वेशन टिकट वापस करने वालों का तांता लगा रहा। रेलवे के आंकड़े बताते हैं कि इस बीच 159 टिकटें वापस की गईं, जिसमें 305 यात्रियों को सफर करना था। इसके अलावा 70 अनरिजर्व टिकटें भी वापस हुईं। इस तरह 400 से ज्यादा यात्रियों ने अपना सफर रद्द किया, जिससे रेल प्रशासन को डेढ़ लाख रुपए वापस लौटाना पड़ा।

सफर का समय बढऩे से परेशान रहे यात्री

रूट बदलने का टे्रनों पर क्या असर होगा, इसे समझने के लिए दूरी का आंकलन किया गया। बिलासपुर से मुंबई की दूरी व्हाया नागपुर 1249 किलोमीटर है, जबकि व्हाया कटनी, भोपाल से 1407 किलोमीटर है। इस तरह ट्रेनों को 158 किलोमीटर का सफर अतिरिक्त तय करना होगा। रायपुर व तिल्दा से वापस आने वाली ट्रेनों को 72 से 110 किलोमीटर की दूरी बिलासपुर आने में ही तय करनी पड़ी। इस तरह ट्रेनों को 250 किलोमीटर से ज्यादा का सफर अतिरिक्त तय करना पड़ेगा। ट्रेनें 10 घंटे तक पहले ही लेट हो चुकी थीं और फिर 250 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करने से आशंका है कि ट्रेनें मंजिल पर 15 से 20 घंटे लेट पहुंचेंगी।

हावड़ा जाने वाले मुसाफिर हुए परेशान

रेल यातायात ठप होने से सबसे ज्यादा परेशानी हावड़ा की ओर सफर करने वालों को हुई। दरअसल इस रूट की सभी ट्रेनें रायपुर के पहले ही ठहर गईं थीं। हावड़ा जाने वाली मेल, आजादहिंद, ज्ञानेश्वरी, शालीमार जैसी ट्रेनें रात 11 बजे तक बिलासपुर नहीं पहुंच सकी थीं। इन ट्रेनों में सफर करने वाले यात्री शाम से ही स्टेशन पहुंच गए थे, जिन्हें सफर के लिए आधी रात के बाद तक ट्रेन का इंतजार करना पड़ा।