Indian Railways News => Topic started by Mafia on May 17, 2013 - 15:00:57 PM


Title - बदहाली पर आंसू बहा रहा किला रेलवे स्टेशन
Posted by : Mafia on May 17, 2013 - 15:00:57 PM

अंग्रेजों के जमाने में बनाया गया किला रेलवे स्टेशन अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।
किला रेलवे स्टेशन पर दिन में दो ट्रेनें आती थी, लेकिन दो साल पूर्व एक ट्रेन को बंद कर दिया।
उद्योग धंधों से जुड़े इस शहर में पहले माल गाड़ियों का रेला लगा रहता था। रोज लगभग एक से दो मालगाड़ी आ जाती थी। यहां से भी माल खूब भर के जाते थे, लेकिन अब यहां सुनसान पड़ा रहता है। हफ्तेभर में कभी एक मालगाड़ी खाद लेकर आ जाती है। माल गोदाम की स्थिति बद से बदतर हो गई है। टीन शेड टूटे पड़े है। ऐसे में अगर कोई माल भी रखा जाए तो खराब होने का डर बना रहता है।
कर्मचारी का अभाव
किला रेलवे स्टेशन पर रिजर्वेशन काउंटर तो है, लेकिन कर्मचारियों की कमी के चलते टिकट की बुकिंग दोपहर दो बजे तक ही होती है, जिससे आए दिन नोक-झोंक होती रहती है।
अंधेरे में स्टेशन
स्टेशन पर बिजली की भी व्यवस्था ठीक नहीं है। यहां जनरेटर तो है पर, अधिकतर बल्ब खराब हैं। पंखे के पर टूट चुके हैं।
पानी की किल्लत
स्टेशन पर पानी की किल्लत है। परिसर में एक हैंडपंप तो लगा है, पर वो भी अपनी किस्मत पर आंसू बहा रहा है। वहीं शौचालय आदि की भी कोई व्यवस्था नहीं है।
सुरक्षा भगवान भरोसे
स्टेशन परिसर की सुरक्षा भगवान भरोसे है। यहां पर ना तो जीआरपी चौकी है और ना ही आरपीएफ। ऐसे में हमेशा दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।