Indian Railways News => Topic started by greatindian on Dec 29, 2012 - 03:00:31 AM


Title - भारत-चीन युद्ध का परिणाम है फरक्का पुल
Posted by : greatindian on Dec 29, 2012 - 03:00:31 AM

भारत-चीन युद्ध का परिणाम है फरक्का पुल
साहिबगंज,निप्र:पूर्वी भारत को पूर्वोतर भारत से जोड़ने वाला अहम फरक्का पुल सन 62 के भारत-चीन युद्ध का परिणाम है। सन 62 के भारत-चीन युद्ध के दौरान पहले से पूर्वोतर पहुंचने के सुगम मार्ग के पूर्वी पाकिस्तान बन जाने तथा सेना के कोलकाता स्थित पूर्वी कमांड मुख्यालय से पूर्वोतर भारत पहुंचने वाले सबसे नजदीकी साहिबगंज-मनिहारी परिवहन मार्ग पर पुल नही होने से युद्धरत असम, अरूनाचल प्रदेश की सीमाओं पर पूर्वी कमांड मुख्यालय से सैनिक साजो-सामान व सैन्य टुकड़ियों को तत्काल भेजने के दौरान साहिबगंज,सकरीगली व मनिहारी में सामान उतारने-चढ़ाने में देर हो जाया करती थी। साल 62 में पूर्वोतर केयुद्धरत मोर्चो पर पहुंचाई जाने वाली सैनिक सहायता के कोलकाता से साहिबगंज आने फिर सकरीगली जाने और वहां से फेरी सेवा से मनिहारी ले जाकर वहीं से चलने वाली असम मेल से मोर्चो पर ले जाना गंगा पर पुल नहीं होने का परिणाम था। युद्ध के दौरान सरकार को पूर्वोतर भारत पहुंचने के सबसे नजदीकी परिवहन मार्ग पर एक बड़े पुल की जरूरत महसूस हुई। फलस्वरूप पहले से पश्चिम बंगाल के फरक्का नामक स्थान पर निर्माणाधीन गंगा पुल के निर्माण कार्य में तेजी आ गई। और 1970 में फरक्का नामक जगह पर गंगा पर रेल-सड़क पुल बन कर तैयार हो गया जिससे पूर्वोतर पहुंचने की राह आसान हो गई। इस पुल का सामरिक औचित्य 1971 के बंगलादेश मुक्ति संग्राम के दौरान दिख गया जब पुल से गुजर कर मुक्तिवाहनी सेना पूर्वोतर के कई मोर्चो से बंगलादेश में प्रवेश कर गई और ढाका में जनरल नियाजी को आत्मसर्मपण करने को मजबूर कर दिया।