Indian Railways News => Topic started by railgenie on Jul 13, 2013 - 21:00:06 PM


Title - रेल कर्मी कर रहे निजी कारोबार, प्रशासन बेखबर
Posted by : railgenie on Jul 13, 2013 - 21:00:06 PM

पलपल संवाददाता, जबलपुर. पश्चिम मध्य रेलवे व जबलपुर रेल मंडल में पदस्थ रेल कर्मी नौकरी तो रेलवे की कर रहे है लेकिन अपना पूरा ध्यान निजी काम धंधों में लगाए हुए है. भले ही छठवें वेतन आयोग की अनुशंसा लागू होने के बाद कर्मचारियों का वेतन ठीकठाक हो गया हो. परंतु इससे वह संतुष्ट नही है. यही वजह है कि अधिक आय के लिए वह सरकारी नौकरी की बजाय निजी कारोबार पर ध्यान दे रहे है.

इस संबंध में रेल सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पश्चिम मध्य रेलवे व जबलपुर रेल मंडल के 300 कर्मचारी वेतन रेलवे से ले रहे है लेकिन जब काम की बारी आती है तब सरकारी काम की बजाय निजी काम में ज्यादा मेहनत करते है. हालाँकि रेल प्रशासन के सामने लगातार ऐसे कई मामले सामने आ रहे है लेकिन अधिकारी ख़ुद इन पर हाथ डालने से परहेज कर रहे है. इसका कारण यह है कि जो कर्मचारी निजी कामों में लिप्त है वे प्राइवेट कारोबार अपने नाम की बजाय पत्‍‌नी के नाम पर संचालित कर रहे है.

बीमा सहित कई कारोबार फैलाया

पश्चिम मध्य रेलवे व जबलपुर मंडल में कई अएसे कर्मचारी है जिनका रेलवे में बीमा का काम जमकर फल फूल रहा है. इस कार्य में ऐसे कर्मचारी लिप्त है. जिनका सीधा कर्मचारियों से पाला पड़ता है. यही नही अपनी पत्नियों के नाम से ली गई एजेंसी का कारोबार बढ़ा रहे है जो अप्रत्यक्ष रूप से इनकी जेब में पहुँच रही है. इधर ऐसे भी रेल कर्मचारी है. जो अपनी ड्यूटी कागजों में चलाते हुए. इसकी वजह से कई धंधों में लिप्त है. ऐसे ही मामले जबलपुर के पीडब्ल्यूआई कार्यालय में पदस्थ गैंगमैन जिनकी ड्यूटी बाकायदा रजिस्टर में दर्ज होती है पर इस वक्त कई कारोबार का संचालन कर है. जिसमे से अधिक़तर चाय पान, सब्जी, फलो का व्यापार कर रहे है.

यदि रेल्वे के वाणिज्य विभाग की बात करे तो इसी विभाग के कई टिकट चेकिंग स्टाफ के सद्स्य इन दिनों ड्यूटी करने की बजाय बिल्डरो व रेल्वे के ही ठेकों में भागीदारी कर रहे है. साथ ही कई कर्मचारी सूदखोरी के कारोबार में लग अपने साथी कर्मचारी को काफी अधिक सूद पर राशि बाँट रहे है और उनसे जबरिया वसूली कर रहे है.

रेल सुरक्षा व शासकीय रेल पुलिस के कर्मी भी

इस संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक इन दिनों रेल कर्मचारियों ही नहीं रेल सम्पतियो की सुरक्षा व रेल यात्रियों की सुरक्षा का निर्वहन करने वाले रेल सुरक्षा बल के कर्मी और शासकीय रेल पुलिस के कर्मी भी अपने कार्यों का निर्वहन न करके अपनी पत्नियों के नाम से ली गई बीमा एजेंसी का बखूबी तरह से निर्वहन कर रहे है.