Indian Railways News => Topic started by Mafia on May 31, 2013 - 15:00:03 PM


Title - रेलवे अस्पताल की व्यवस्थाएं चरमराईं
Posted by : Mafia on May 31, 2013 - 15:00:03 PM

Jhansi | अंतिम अपडेट 31 मई 2013 5:31 AM IST पर
झांसी। रेलवे अस्पताल की व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। वहां न तो विशेषज्ञ चिकित्सक हैं और न पर्याप्त स्टाफ। दवा के अलावा आपरेटर्स की कमी के कारण करोड़ों रुपये की मशीनें भी बंद हैं। इससे कर्मचारियों में रोष है।
रेलवे अस्पताल का लाभ रेल मंडल में तैनात करीब चौबीस हजार कर्मचारियों व उनके परिजनों को मिलता है। 204 बेड के इस अस्पताल में न्यूरो सर्जन, त्वचा रोग व प्रसूति रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। आपरेटर नहीं होने से अल्ट्रासाउंड व ओटी में लगी करोड़ों रुपये की मशीनें धूल खा रही हैं। अस्पताल में अच्छी दवाएं नहीं मिलने से मरीज बाहर से दवाएं खरीदने को मजबूर हैं।
वहीं, रेल प्रशासन द्वारा पूर्व में रेेडियोलॉजिस्ट व डायटीशियन के पद को कर्मचारी सहित अस्थायी रूप से इलाहाबाद स्थानांतरित कर दिया था, जो चार साल बाद भी जस के तस हैं। नियमानुसार इस तरह की व्यवस्था केवल छह माह के लिए की जा सकती है, लेकिन अब तक इन पदों को वापस नहीं किया गया है। इसी तरह अस्पताल में फिजियोथैरेपिस्ट का स्थायी पद समाप्त कर दिया गया है।

साल भर बाद भी नहीं हो सका अनुबंध
अस्पताल प्रशासन ने डायलिसिस सुविधा (किडनी संबंधी रोग के लिए) मरीजों को उपचार उपलब्ध कराने के लिए मेडिकल कालेज स्थित श्रीजी हास्पिटल से अनुबंध करने की योजना बनाई थी। साल भर पहले अनुबंध तैयार कर इलाहाबाद मुख्यालय भेजा गया था, लेकिन अब तक मामला ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है।

मुख्य चिकित्सा निदेशक का निरीक्षण आज
उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य चिकित्सा निदेशक डा पदम सिंह शुक्रवार को झांसी आएंगे। इस दौरान वह अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी लेंगे।