Indian Railways News => Topic started by Mafia on Jun 15, 2013 - 09:30:04 AM


Title - रेलवे का हाल, तत्काल में दलाल
Posted by : Mafia on Jun 15, 2013 - 09:30:04 AM

अगर आपको ट्रेन द्वारा छुट्टियां बिताने या फिर अन्य आवश्यक कार्य से बाहर जाना है तो बगैर दलाल की साठगांठ से आरक्षण यात्रा का टिकट मिल पाना मुश्किल है। दलालों ने रेल कर्मियों की मिलीभगत से आरक्षण टिकटों पर कब्जा कर रखा है। खासतौर पर तत्काल टिकट बिना दलाल के मिलना नामुमकिन है। गर्मियों की छुट्टियां होने के कारण इस समय आरक्षण टिकटों की बिक्री बढ़ गयी है। दलाल मुंह मांगी रकम लेकर लोगों को तत्काल आरक्षण यात्रा के टिकट उपलब्ध करा रहे हैं। तत्काल यात्रा के टिकट प्राप्त करने के लिए लाइन में लगे आम यात्रियों को दलाल पुलिस की साठगांठ से हटा देते हैं। कुछ दलाल रेल कर्मियों की साठगांठ से बुकिंग विंडो के बैकडोर से भी तत्काल यात्रा के टिकट प्राप्त करते हैं। तत्काल यात्रा टिकट प्राप्त करने का मात्र आधे घंटे सुबह 10 बजे से साढे दस बजे तक का समय होता है। इस समय आरक्षण विंडो दलालों के कब्जे में होती है। इसके लिए बाकायदा दलालों की मदद के लिए विंडो के इर्द-गिर्द पुलिस भी मौजूद रहती है। अगर कोई आम यात्री तत्काल आरक्षण यात्रा के लिए लाइन में लगा होता है तो मौजूद पुलिस उस यात्री को पूछताछ करने के बहाने लाइन से अलग हटा लेते हैं।
क्या कहते हैं यात्री
ककराला निवासी तस्दीक ने बताया कि वह बंगलौर के एक कालेज में फार्मेसी का छात्र है। बंगलौर जाने के लिए दिल्ली से तत्काल आरक्षण का टिकट लेना था। वह सुबह पांच बजे से टिकट विंडो के सामने लाइन में लग गया, लेकिन जैसे की विंडो खुलने का समय हुआ वह एक सिपाही ने पूछताछ के बहाने लाइन से हटा लिया। मजबूरी में आरक्षण का वेटिंग टिकट लेना पड़ा।
ककराला निवासी छात्र इमरान ने बताया कि वह बंगलौर में फार्मेसी का छात्र है। उसे तत्काल आरक्षण का टिकट लेना था, लेकिन कुछ दलाल कई लोगों की आईडी समेत एक सादे कागज पर नाम लेकर लाये और टिकट लेकर चले गए, तब तक समय खत्म हो गया।
दलाल कैसे करवाते हैँ तत्काल आरक्षण
तत्काल आरक्षण के समय विंडो पर दर्जन भर दलाल लाइन में लग जाते हैं। दलालों के हाथ में एक पेपर पर चार-चार यात्रियों के नाम और यात्रा किस स्टेशन से किस स्टेशन तक की है का उल्लेख होता है।
आम यात्री को पुलिस की मद्द से लाइन से बाहर कर देते हैं।
कुछ दलाल बुकिंग क्लर्क से पहले ही साठगांठ कर उसे नाम लिखा पेपर दे देते हैं।
टिकट कंफर्म होने के बाद बुकिंग क्लर्क प्रति यात्री के हिसाब से अपने रुपये लेकर दलाल को टिकट देता है।
दलाल एक यात्री से 200 से लेकर पांच सौ रुपये तक लेते हैं।
क्या कहते है स्टेशन मास्टर
स्टेशन मास्टर एसपी कश्यप ने बताया कि अगर कोई यात्री दलालों की लिखित में शिकायत करता है तो उस पर अवश्य कार्रवाई की जायेगी। चूंकि लाइन में लगे यात्रियों में दलालों की पहचान करना मुश्किल है। अभी तक हमारे पास ऐसी लिखित में कोई शिकायत नहीं आयी है।