Indian Railways News => Topic started by Jitendar on Aug 03, 2013 - 16:00:07 PM


Title - रेलवे की पुरानी यूटीएस मशीनों से हो रहां आरक्षण
Posted by : Jitendar on Aug 03, 2013 - 16:00:07 PM

पलपल इंडिया ब्यूरो, कानपुर. प्रशिक्षण दिये बिना ही टिकट निरीक्षकों को यूटीएस कांउटर पर बिठा दिया गया है जिसका नतीजा युटीएस तकनीक में खराबी होने से सुपरफास्ट के यात्रियों को टिकट नही मिल पाता है.
गौरतलब है कि सेट्रंल स्टेशन के सिटी कैंट साइड पर बने काउंटरो में सुपरफास्ट श्रेणी का टिकट अलग मिलता है और इसी काउंटर से डॅरमैट्री व रिटायरिंग रूम की बुकिंग भी होती है इसके लिए शुल्क कैंट साइड के टिकट बुकिंग काउंटर पर जमा होता है अभी तक टिक ट काउंटर पर बैठने वाला टिकट निरीक्षक हस्ताक्ष्र करके यात्री को उपलटध करा देता था रेल प्रशासन ने यहाँ नयी व्यवस्था के तहत इस काउंटर पर भी यूटीएस लगा दिया गया शुल्क लेने के बाद टिकट निरीक्षक मशीन के माध्यम से सुपरफास्ट श्रेणी का टिकट उपलब्ध कराते है इसी कांउटर पर अब रिटायरिंग रूम व डॅारमैटी का किराया जमा कर रसीद दी जाती है लेकिन यहाँ डयूटी करने वाले टिकट निरिक्षकों के साथ सबसे वड़ी समस्या यह है कि उन्हे यूटीएस चलाने के लिए ट्रेन्ड भी नही किया गया है ट्रेङ्क्षनग के नाम पर सिर्फ दस मिनट की ट्रेंनिग दी गई थी इस ट्रेनिंग के दौरान इतना ही समझाया गया था कि की-बोर्ड का कौन सा बटन दबाने से रसीद मिल जाएगी लेकिन इसके लिए किसी को भी विशेष प्रशिक्षण नही दिया गया इस काउंटर पर पुराना यूटीएस लगाया गया हे जिससे आए दिन इसमें खराबी हो जाती है.

प्रशिक्षण न होने से यहाँ के बाबू यूटीएस की तकनीकी ख्रराबी दूर भी नही कर पाते.,  जिसके चलते यात्रियों को घंटों कतार में खड़े रहना पड़ता है ज्यादा बवाल मचने पर टी टी यात्रियों को फिर मैनुअल टिकट देने लगते है. डयूटी देने वाले रेल कॢमयों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि अगर कोई गलत टिकट इश्यू हो जाए तो सजा के तौर पर जुर्माना भरना पड़ सकता है.