Indian Railways News => Topic started by Mafia on Feb 12, 2013 - 16:00:04 PM


Title - रेलवे ने फिर से शुरू की ग्रो मोर फूड
Posted by : Mafia on Feb 12, 2013 - 16:00:04 PM

फिरोजपुर : रेलवे ने अपने कर्मचारियों को आर्थिक तौर पर मजबूत करने और रेलवे की लाखों एकड़ जमीन पर कब्जा छुड़वाने के लिए ग्रो मोर फूड योजना एक बार फिर से प्रारंभ की है। 28 साल बाद एक बार फिर से शुरू की गई इस योजना के तहत पूरे देश में फैली रेलवे की लाखों हेक्टेयर जमीन पर दोबारा खेती की जाएगी। इससे सर्वाधिक रेलवे के गैंगमैन स्तर के कर्मचारी लाभान्वित होंगे।

यह जानकारी रेल मंडल प्रबंधक नरेश गोयल ने दी है। उन्होंने बताया कि यह योजना सबसे पहले 1975 में प्रारंभ की थी, जिसे 1984 में बंद कर दिया गया था। अब 26 साल बाद हालात बदले हैं और विभाग ने 2010 में फिर से इस योजना को अमली जामा पहनाने का काम प्रारंभ कर दिया।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में देश में रेलवे के पास 4.32 लाख हेक्टेयर जमीन है, जिस पर विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं तथा रेलवे लाइन के साथ गुजरती तमाम जमीन आज भी खाली पड़ी है। इस जमीन पर खेती करने पर जहां देश में और अनाज पैदा करने में सहायता मिलेगी और रेलवे और राज्य सरकार के चतुर्थ कर्मचारियों को आर्थिक लाभ भी मिलेगा। वहीं अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के लोगों को ज्यादा लाभ मिलेगा।

इसके तहत गरीबी रेखा के नीचे रह रहे कर्मचारियों को एक हेक्टेयर जमीन पर खेती करने की इजाजत दी गई है। कर्मचारियों से एक एग्रीमेंट किया गया है, जिसके तहत एक लाइसेंस विभाग ने जारी किया है। विभागीय कार्य में किसी तरह की अड़चन आने पर यह जमीन वापस ले ली जाएगी।

उन्होंने बताया कि फिरोजपुर मंडल में तमाम जगह पर रेलवे की जमीन पर लोगों ने कब्जा कर रखा है। फिरोजपुर डिवीजन में लुधियाना के पास स्थित ढंढारी कला में 62.95 एकड़ जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा है। वहीं भारी संख्या में लोगों पर केस भी चल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि रेलवे की जमीन पर बेहतर खेती होने लगी तो आने वाले समय में देश में खाद्यान्न की कमी नहीं होने पाएगी। अभी बहुत से ऐसे राज्य हैं जहां लोगों को खाद्यान्न की कमी के कारण कुपोषण का शिकार होना पड़ रहा है। वहीं भूमिहीन कर्मचारियों के पास खेती के लिए जगह भी मिल जाएगी।

डीआरएम गोयल ने बताया कि इस योजना के तहत फिरोजपुर, बठिंडा, अमृतसर, पठानकोट के 200 लोगों को लाभ मिल चुका है। वह कहते हैं कि दरअसल सर्वाधिक खेती योग्य जमीन फिरोजपुर मंडल में ही है। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे इसकी गिनती बढ़ती जा रही है।