Indian Railways News => Topic started by railenquiry on Jul 23, 2013 - 15:00:00 PM


Title - रेलवे पुलिस की 'शिथिलता' से ट्रेनों में 'अवैध वेंडर' हावी 10585349
Posted by : railenquiry on Jul 23, 2013 - 15:00:00 PM

इलाहाबाद-कानपुर के मध्य एक्सप्रेस ट्रेनों में यात्रियों को खानपान का सामान उपलब्ध कराने के लिए अवैध वेंडरों की भरमार रहती है, जिससे अक्सर यात्री, जहरखुरानी गिरोह का शिकार भी हो जाते हैं, लेकिन पुलिस की शिथिलता के चलते बीते तीन माह में सिर्फ दस अवैध वेंडर की धरे गए हैं।
इलाहाबाद रेलवे बोर्ड के सीनियर डीसीएम दफ्तर से ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों को खाना बेंचने का परमीशन लाईसेंस निर्गत होता है। उन वेंडरों का मेडिकल परीक्षण की कार्रवाई स्टेशन अधीक्षक व चिकित्सक के अधीन होती है। रेलवे स्टेशन में 40 के करीब अधिकृत वेंडर हैं। इलाहाबाद व कानपुर के मध्य चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों में अवैध वेंडरों की भरमार रहती है। शनिवार को संगम एक्सप्रेस में दो अवैध वेंडरों को आरपीएफ ने दबोचा जिसमें एक इलाहाबाद तो दूसरा कानपुर का था, जिनके पास कोई लाईसेंस नहीं था।
मुसाफिरों मुजीब खान, रवीन्द्र त्रिवेदी व संजय साहू का कहना था कि ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को क्या पता कि अधिकृत वेंडर हैं अथवा अवैध। ऐसे वेंडरों का खाना खाने से यात्री जहर खुरानी गिरोह का शिकार भी हो रहे हैं। हालांकि बीते तीन माहों में एक्सप्रेस ट्रेनों में 10 अवैध वेंडर धरे गए जिन्हें जुर्माना वसूलकर छोड़ दिया गया।
'रेलवे स्टेशन में अवैध वेंडर नहीं हैं, सिर्फ अधिकृत 40 वेंडर ही हैं। इलाहाबाद व कानपुर के बीच एक्सप्रेस ट्रेनों में अवैध वेंडर चलते हैं, जिन्हें पकड़कर धारा 144 के तहत कार्रवाई की जाती है। प्रत्येक अवैध वेंडर से 1700 रुपये जुर्माना वसूला जाता है'। -बीरेन्द्र प्रताप सिंह, कंपनी कमांडर आरपीएफ।