Indian Railways News => Topic started by railgenie on Aug 27, 2013 - 18:00:37 PM


Title - रेलवे ब्रिज से गुजरना समझते शान, या मजबूरी!
Posted by : railgenie on Aug 27, 2013 - 18:00:37 PM

यमुना फाटक के नजदीक रेलवे पुल के ऊपर बने ब्रिज से गुजरना लोग अपनी शान समझते हैं। या ब्रिज से गुजरना उनकी मजबूरी है। शार्टकट के चक्कर में कई लोग अपनी गवां चुके हैं। उसके बाद भी लोग सुधरे नहीं है। रेलवे पुलिस ने ब्रिज के दोनों तरफ बोर्ड लगा कर कार्यकी इतिश्री कर ली है।
यमुना नहर पर बने ब्रिज को पार करते समय कई लोग ट्रेन की चपेट में आ गए। इससे भी ना तो रेलवे विभाग कोई सबक ले रहा है, ना ही जनता। पुल से नदी पार करना कानून जुर्म है। लेकिन इस कानून की पालना कराने के लिए कोई पुलिस कर्मी पुल पर दिखाई नहीं देता। इसी बात का फायदा उठाकर लोग बेझिझक पुल करते हैं। गत दिनों पुल पर दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ने से रेलवे पुलिस ने पुल के दोनों ओर बोर्ड लगाया था। कुछ दिन पुलिसकर्मियों की नियमित ड्यूटी पुल पर लगाई गई, ताकि कोई व्यक्ति पुल पार ना कर सके। इससे लोगों ने पुल पार करने की बजाय वैकल्पिक रास्ते से आना-जाना बेहतर समझा। इसे पुल पार करने वाले लोगों की संख्या व दुर्घटनाओं में काफी कमी आई। लेकिन कुछ दिन बाद ही पुलिस कर्मी पुल से गायब हो गए।
पुल पर पुलिस कर्मी के तैनात होने से दोहरा लाभ है। इससे पुल पार करने वाले व्यक्तियों पर तो अंकुश लगता ही है, साथ ही फाटक बंद होने पर रेलवे लाईन पार करने में भी लोग कतराते हैं। काफी लोग फाटक बंद होने पर रेलवे लाईन क्रास करते हैं। पैदल के साथ दोपहिया वाहन चालकों की भीड़ फाटक बंद होने पर भी लाईन पर लगी रहती है। जो दुर्घटनाओं का कारण बनती है।
रेलवे पुल से मात्र 200 मीटर की दूरी पर सामान्य पुल है। इस पुल से नहर पार करने में रेलवे पुल से पैदल व्यक्ति को मात्र दस मिनट ज्यादा लगते हैं। इन दस मिनट को बचाने की चक्कर में लोग अपनी जिंदगी गवां देते हैं।
रेलवे थाना के एसएचओ अवतार सिंह का कहना है कि रेलवे ब्रिज से लोग न गुजरे, इसके लिए पुलिसकर्मी को पुल के नजदीक तैनात किया गया है।