Indian Railways News => Topic started by Jitendar on Jun 15, 2013 - 04:01:10 AM


Title - लखनऊ:पूरा हुआ प्लान, अब जमीन पर शुरू होगा काम - Amar Ujala
Posted by : Jitendar on Jun 15, 2013 - 04:01:10 AM

पूरा हुआ प्लान, अब जमीन पर शुरू होगा काम Lucknow | अंतिम अपडेट 14 जून 2013 5:30 AM IST पर लखनऊ। राजधानी में मेट्रो रेल को लेकर हाई पॉवर कमेटी, डीएमआरसी और मेट्रो सेल के बीच अहम बैठक शुक्रवार को मुख्य सचिव जावेद उस्मानी की अध्यक्षता में होगी। इस बैठक में न केवल मेट्रो रेल के फाइनल रूट का एलान होगा बल्कि स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) और मेट्रो एक्ट को भी अंतिम रूप दिया जाएगा। इस बैठक को लेकर पिछले करीब एक महीने से डीएमआरसी और मेट्रो सेल के पदाधिकारियों की कवायद जारी थी। बैठक के बाद मेट्रो को लेकर सभी कागजी तैयारियां पूरी हो जाएंगी। इसके बाद इस परियोजना को केवल जमीन पर उतारना ही बाकी रहेगा। इसके साथ ही नगर विकास विभाग द्वारा तैयार मोबिलिटी प्लान को संशोधित किया जाएगा। केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता पाने के लिए जरूरी है कि मोबिलिटी प्लान में मेट्रो रेल का प्रावधान किया जाए। पहले तैयार किए गए प्लान में इसका प्रावधान नहीं किया गया है। इसलिए नए सिरे से मोबिलिटी प्लान तैयार करने के प्रस्ताव पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में मुहर लग सकती है। फिलहाल 37 किलोमीटर का होगा रूट ः राजधानी में फिलहाल 37 किमी मेट्रो रेल चलाने के लिए डीएमआरसी ने खाका खींचना शुरू किया है, मगर इसमें कुछ बदलाव का प्रस्ताव स्पेशल सेल के पदाधिकारियों ने पिछले दिनों अपनी दिल्ली यात्रा के दौरान रखा था। स्पेशल सेल के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल चाहते हैं कि राजधानी में पूरी तरह से उपरिगामी मेट्रो चले ताकि खर्च बचाया जा सके। इस पर डीएमआरसी ने कुछ विकल्प खोजे हैं, जिनका प्रस्तुतीकरण मुख्य सचिव के समक्ष किया जाएगा। इसके अलावा मेट्रो संचालन के लिए जो एक्ट बनना है, उसके प्रारूप को भी अंतिम रूप दिया जाएगा। इस एक्ट को कुछ इस तरह बनाया जाएगा कि इसमें पीपीपी और डीएमआरसी दोनों के ही वित्तीय प्रबंधन को शामिल किया जा सके। बैठक में स्पेशल पर्पज व्हीकल कमेटी का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। कमेटी किस तरह से काम करेगी, उसका नाम क्या होगा। इन सारे प्रस्तावों को शुक्रवार की बैठक में हरी झंडी दी जाएगी।

पहले चरण में नार्थ-साउथ कॉरिडोर ः केंद्र की नीति के मुताबिक 20 लाख से अधिक आबादी वाले शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम के रूप में मेट्रो रेल संचालित किया जा सकता है। लखनऊ की जनसंख्या 30 लाख के आसपास है। कोच्चि और जयपुर के मोबिलिटी प्लान में मेट्रो रेल की जरूरत बताई गई है। ऐसे में लखनऊ की बढ़ती आबादी को इस प्लान में शामिल किया जाएगा। शहर में मेट्रो चलाने के लिए बनी उप समिति ने रूट पर विचार -विमर्श के बाद दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन (डीएमआरसी) के अधिकारियों से दिल्ली जाकर चर्चा कर ली है। इसके आधार पर मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण नार्थ-साउथ कॉरिडोर को अंतिम रूप दिया जाएगा। मेट्रो के लिए वित्तीय मॉडल का चयन भी किया जाएगा। मेट्रो रेल परियोजना के लिए दो मॉडल डीएमआरसी और पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के विकल्पों पर विचार होगा। भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय की मेट्रो रेल नीति के मुताबिक डीएमआरसी मॉडल को समर्थन किया गया है और इसमें इक्विटी प्रतिभागिता यानी आधी राशि मिल सकती है, जबकि पीपीपी मॉडल पर केवल 20 प्रतिशत अशंदान ही मिलेगा। इसलिए डीएमआरसी मॉडल पर सहमति बनने की संभावना है। एसपीवी का होगा गठन ः मेट्रो के लिए स्पेशल पर्पज व्हेकिल (एसपीवी) के रूप में एक कंपनी, कार्पोरेशन के गठन पर विचार किया जाएगा। हैदराबाद, कोच्चि, जयपुर और चेन्नई में मेट्रो रेल परियोजनाओं के लिए गठित एसपीवी का अध्ययन किया जा चुका है। इसके आधार पर लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना के लिए एसपीवी के गठन किया जाएगा। एक्ट किया जाएगा स्वीकार: भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय से ली गई राय के मुताबिक लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना को वैधानिकता प्रदान करने के लिए ‘द मेट्रो रेलवे कंस्ट्रक्शन ऑफ वर्क एक्ट 1978’ संशोधित ‘मेट्रो रेलवे ऑपरेशन एंड मेंटेनेंश एक्ट 2002’ को स्वीकार किया जाएगा। 32वीं पीएसी में बनेगा मेट्रो डिपो ः कानपुर रोड स्थित 32वीं पीएसी परिसर में मेट्रो नार्थ-साउथ कॉरिडोर के लिए डिपो बनाया जाएगा। कानपुर रोड पर स्थित इस पीएसी परिसर में 133.1 एकड़ जमीन है। इसमें पीएसी परिसर का क्षेत्रफल 76.78 एकड़ और इसके पीछे सुनहरा तालाब की 56.32 एकड़ जमीन है। इस समय तालाब समाप्त हो चुका है। मेट्रो डिपो के लिए 50 से 75 एकड़ जमीन की जरूरत है। इसलिए पीएसी परिसर को डिपो के रूप में इस्तेमाल करने पर विचार होना है। पीएसी परिसर में मेट्रो डिपो बनने के बाद इसे मोहनलालगंज में ग्राम मोहारी कला और मोहारी खुर्द में उपलब्ध करीब 240 एकड़ जमीन पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में इस पर भी विचार होगा।

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