Indian Railways News => Topic started by irmafia on Apr 22, 2013 - 00:00:25 AM


Title - साइंस एक्सप्रेस देखने का रुझान कम
Posted by : irmafia on Apr 22, 2013 - 00:00:25 AM

प्रतिनिधि, जालंधर : आखिरी दिन साइंस एक्सप्रेस देखने के लिए जैसे जालंधर ही उमड़ पड़ा। हालांकि जिले के कुल स्कूलों की संख्या के महज आठ फीसदी स्कूल ही इस मामले में सक्रिय दिखे। किसी भी सरकारी स्कूल के बच्चे को साइंस एक्सप्रेस नहीं दिखाई गई।
जिले में 2500 से ज्यादा स्कूल हैं और महज 186 स्कूलों के बच्चों ने साइंस एक्सप्रेस का दौरा किया। शनिवार को चौथे व आखिरी दिन सिटी स्टेशन पर जैसे हजूम उमड़ पड़ा। इससे व्यवस्था पर भी असर पड़ा। 16 डिब्बों में जीव विज्ञान को लेकर भारत को विभिन्न भागों में बांटा गया था। शनिवार को आखिरी दिन 118 स्कूलों के बच्चों ने साइंस एक्सप्रेस का विजिट किया। इसमें 4139 स्टूडेंट के साथ कुल 7027 लोगों ने साइंस एग्जीबीशन देखी। चार दिनों में कुल 186 स्कूलों के 7342 स्टूडेंट के साथ कुल 38999 लोगों ने साइंस एक्सप्रेस का अवलोकन किया। जिले की आबादी देखी जाए तो 23 लाख के करीब है और महज 40 हजार लोगों ने साइंस दर्शन किए हैं। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि साइंस के प्रति पंजाबियों का कितना लगाव है।
साइंस एक्सप्रेस के इंचार्ज सुधीर शर्मा बताते हैं कि पंजाब के अलावा देश के कई ऐसे शहर हैं, जिसमें इसका रुझान कम ही देखने को मिला है। आखिरी दिन उमड़ी भीड़ को नियंत्रण करने का लोकल स्टाफ के पास कोई विकल्प नहीं था। हालत यह थे कि लोकल स्टाफ की तरफ इस संबंध में कोई भी इंतजाम नहीं किया गया था। शनिवार शाम को यह ट्रेन अमृतसर (वेरका) के लिए रवाना हो जाएगी।