Indian Railways News => Topic started by greatindian on Jul 16, 2013 - 18:00:50 PM


Title - सेहत बिगाड़ सकता है पेंट्रीकार का खानाइन ट्रेनों के पैंट्रीकार का बुरा हाल पवन एक्सप्रेस, सप्तक्रांत
Posted by : greatindian on Jul 16, 2013 - 18:00:50 PM

ट्रेन में सफर करते समय अगर आप पेंट्रीकार का खाना खाते हैं, तो सावधान हो जाइए। यह खाना आपकी सेहत के लिए महंगा भी पड़ सकता है। साफ-सफाई के अभाव में गंदगी के बीच तैयार हो रहा खाना आपको मुश्किल में डाल सकता है।ऐसी स्थिति मुजफ्फरपुर जंक्शन से खुलने व गुजरने वाली कई ट्रेनों के पैंट्रीकार की है। सोमवार को मुजफ्फरपुर से आनंद बिहार जाने वाली सप्तक्रांति व पवन एक्सप्रेस के पैंट्रीकार में जब जागरण टीम गई तो वहां का नजारा देख कर भौचक रह गई। गंदगी के बीच भोजन तैयार किया जा रहा था। इस दौरान कई यात्री भी पैंट्रीकार में खाने-पीने का सामान लेने पहुंचे और गंदगी देख वेंडरों पर बरस पड़े उन्होंने रेलवे अधिकारियों से इसकी शिकायत भी की। यात्रियों का कहना था कि पैंट्रीकार में जिस तरह गंदगी है उसे देखने के बाद कोई खाना नहीं खा पाएगा।उधर सप्तक्रांति के मैनेजर का कहना था कि यार्ड में करीब एक माह से पैंट्रीकार की सफाई के लिए निजी कंपनी व रेलकर्मी नहीं आ रहे हैं, जिसके कारण दिक्कत हो रही है। कई बार इस संबंध में शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। मजबूरी में वेंडरों से सफाई करवानी पड़ रही है।

मालूम हो कि रेलवे बोर्ड ने एक साल पहले ट्रेनों व पैंट्रीकार की सफाई का जिम्मा निजी कंपनी को दिया था। छह माह तक निजी कंपनी ने सफाई की। इसके बाद वेतन भुगतान का मामला अटकने पर हाथ खड़ा कर दिया। इसके बाद रेलकर्मियों को जिम्मा दी गई, लेकिन सफाई राम भरोसे है।


पैंट्रीकार में कीड़ा मारने की दवा का नहीं हो रहा छिड़काव

मुजफ्फरपुर : पवन एक्सप्रेस, सप्तक्रांति, अवध एक्सप्रेस, गरीब रथ, बिहार संपर्क क्रांति, बांद्रा एक्सप्रेस के पैंट्रीकारों में कीड़ा मारने वाली दवा का छिड़काव नहीं हो रहा है। इससे यहां तेलचट्टा, चूहा आदि की भरमार रहती है। इसके अलावा अन्य कीड़े-मकोड़े भी यहां टहलते रहते हैं। दवा का छिड़काव न होने का कारण पैंट्रीकारों के प्लेटफार्म पर खाली नहीं करना बताया जाता है।

पैंट्रीकार व ट्रेनों की सफाई के लिए कोचिंग डिपो के कर्मियों को नियुक्त किया गया है। पन्द्रह दिनों में दवा का छिड़काव करना है। यदि सफाई व दवा का छिड़काव नहीं होता है, तो जांच होगी। पवन एक्सप्रेस का पैंट्रीकार खाली नहीं किया जाता है, तो उसपर जुर्माना लगाया जाएगा।

- ओएस फैयाद, डिप्टी सीसीएम (कैटरिंग), पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर