| Indian Railways News => | Topic started by railgenie on Jul 11, 2013 - 12:00:42 PM |
Title - स्टेशन पर गंदगी नहीं, गंदगी बीच स्टेशनPosted by : railgenie on Jul 11, 2013 - 12:00:42 PM |
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यूं तो दुनिया भर के पर्यटकों का केंद्र वाराणसी अपनी धरोहरों व विरासतों के लिए जाना जाता है मगर स्थानीय रेल अधिकारियों के चलते इसे अब बेतरह शर्मिन्दगी का भी सामना करना पड़ रहा है। कैंट रेलवे स्टेशन पर बजबजाती गंदगी की हकीकत को स्थानीय रेल अधिकारी भले ही नकारते रहें मगर उन्हीं के महकमे का सबसे बड़ा अधिकारी साफ तौर पर यह मानता है कि ''कैंट स्टेशन पर गंदगी नहीं है ..दरअसल गंदगी के बीच स्थित है कैंट स्टेशन''।बनारस के मुख्य रेलवे स्टेशन के बारे में यह धारणा है रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अरुणेंद्र कुमार की। वह बुधवार को काशी में थे। एक कार्यक्रम के सिलसिले में डीरेका आए चेयरमैन मुखातिब थे मीडिया से। उन्होंने नाक-भौं सिकोड़ते हुए कहा-यहां सफाई व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। जो सफाई व्यवस्था के जिम्मेदार हैं, उन्हें ..यूं लगता है कि काम करना नहीं आता। पूरा स्टेशन बजबजा रहा है, हर दो प्लेटफार्मो के बीच स्थिति नारकीय है और अफसोस कि कोई इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। लगता है कि यहां सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी भी मुझे ही संभालनी पड़ेगी।दरअसल चेयरमैन अरुणेंद्र कुमार की पीड़ा हर उस आम रेलयात्री की पीड़ा है जिसका कैंट रेलवे स्टेशन से पाला पड़ता है। सफाई कर्मियों की फौज मगर सफाई का यह हाल कि यहां खड़े होकर सांस लेना मुश्किल ..पर मजबूरी जो न करा दे। प्रसंगवश उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व के दौरे में तत्कालीन चेयरमैन विनय मित्तल भी वाराणसी को भारत का सबसे गंदा रेलवे स्टेशन बता चुके हैं। |