Indian Railways News => Topic started by railgenie on Sep 11, 2013 - 17:58:03 PM


Title - हाईस्पीड ट्रेन पर एनएचएआइ का रेड सिग्नल
Posted by : railgenie on Sep 11, 2013 - 17:58:03 PM

मेरठ : दिल्ली से मेरठ हाईस्पीड ट्रेन प्रोजेक्ट अब एनएचएआइ के चक्रव्यूह में फंस गया है। मंगलवार को नई दिल्ली में हुई एनसीआर ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन लिमिटेड (एनसीआरटीसीएल) कंपनी की बैठक में एनएचएआइ के सदस्य-सचिव राजीव यादव ने स्पष्ट कहा कि किसी भी हालत में गाजियाबाद से मेरठ तक हाईवे-58 पर यह ट्रेन नहीं दौड़ेगी। यदि ट्रेन को लांच करना है तो एनएच-24 पर यह ट्रेन लाई जाए।
दरअसल, कंपनी के सचिव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में यूपी एनसीआर आयुक्त कल्पना अवस्थी, कमिश्नर मनजीत सिंह, एमडीए उपाध्यक्ष एसके सिंह, नगर नियोजन विवेक भास्कर ने भी भाग लिया। इस बैठक में एनएचएआइ के सचिव राजीव यादव ने कहा कि दिल्ली के निजामुद्दीन से मेरठ के पल्लवपुरम तक हाई स्पीड ट्रेन के ट्रैक का रूट एनएच-58 पर डिजाइन किया गया है। एनएच-58 के बीच डिवाइडर पर करीब आठ से दस फुट चौड़ाई वाले पिलर हाई स्पीड ट्रेन के लिए ट्रैक तैयार करने पर पूरी सड़क प्रभावित होगी। ऐसे में इस प्रोजेक्ट के लिए एनएच-24 का चयन किया जाता है तो यह दिक्कत नहीं होगी। ट्रेन निजामुद्दीन से यूपी गेट होते हुए एनएच-24 के डिवाइडर के बीच से होकर डासना तक जा सकती है। डासना से प्रस्तावित मेरठ एक्सप्रेस वे के डिवाइडर से होकर हाई स्पीड ट्रेन मेरठ जानी चाहिए। छह लेन वाले मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस की चौड़ाई 90 मीटर है और डिवाइडर 14 मीटर चौड़ा है। मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस का लिंक मेरठ बच्चा पार्क तक है। इस रूट से यदि प्रोजेक्ट डिजाइन होता है तो प्रोजेक्ट के लंबाई 97 किमी के बजाय 104 किमी होगी और लागत 15 हजार करोड़ के बजाय 15800 करोड़ हो जाएगी। सचिव ने कहा कि इस मुद्दे पर शीघ्र बैठक होगी। हालांकि कल्पना अवस्थी ने कहा कि यदि यह प्रोजेक्ट एनएच-24 से लांच किया तो इसकी महत्ता ही समाप्त हो जाएगी। जितने यात्री एनएच-58 पर मिल सकते हैं, वह एनएच-24 पर नही मिलेंगे। वैसे भी जब इस प्रोजेक्ट पर कार्य होगा तो एनएच-58 पर गाजियाबाद से आने वाले वाहनों को कांवड़ नहर पटरी मार्ग से निकाला जा सकता है। इस मार्ग को चौड़ा करने के लिए 350 करोड़ का प्रोजेक्ट स्वीकृत हो चुका है। एक अक्टूबर से पूर्व इस प्रोजेक्ट पर काम भी शुरू होगा।