Indian Railways News => Topic started by Jitendar on Jun 10, 2013 - 03:30:06 AM


Title - indian railway new facility or difficulty on ticket booking - सुविधा या दुविधा: अब एक सीट पर तीन आरए
Posted by : Jitendar on Jun 10, 2013 - 03:30:06 AM

कभी लालू यादव के रेल मंत्री होने के दौरान रेलवे ने कमाई बढ़ाने के लिए बैकडोर के जरिये यात्रियों पर भार बढ़ाया था अब उसी नक्शेकदम पर चलते हुए रेलवे ने फिर यात्रियों को सुविधा के नाम पर परेशानी दे दी है।

अभी तक एक सीट पर दो आरएसी देने वाला रेलवे अब एक सीट पर तीन आरएसी देगा।

रेलवे पहले चरण में इस योजना को राजधानी एक्सप्रेस और दूरंतों में लागू करेगा। इसके बाद मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में यह व्यवस्था लागू की जाएगी।

रेलवे ने आमदनी बढ़ाने के लिए आरएसी (रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन) बर्थ की बढ़ाने का फैसला लिया है। अब एक कोच में चार के बजाए छह आरएसी सीट होगी।

ट्रेनों में लिंक हाफमैन बुश (एलएचबी) कोच लगाने के बाद आय का जरिया तलाश रहे रेलवे ने यह पहल की है। रेलवे का मानना है कि इससे प्रति ट्रेन करीब 1.25 लाख रुपये का इजाफा होगा।

आरएसी सीटों की यह बढ़ोतरी राजधानी और दुरंतो एक्सप्रेस के एसी थर्ड व एसी सेकेंड कोच में होगी। इससे 15 बोगियों की ट्रेन में 60 के स्थान पर अब 90 आरएसी टिकट जारी होंगे।

एसी सेकेंड और एसी थर्ड के प्रत्येक कोच में चार बर्थ आरएसी के लिए नियत होती है। यानी अब कंफर्म बर्थ के किराये में एक सीट पर तीन यात्री एडजस्ट करेंगे। उन्हें किसी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी।

सेंटर फार रेलवे इंफार्मेशन सिस्टम (क्रिस) ने रेलवे के साफ्टवेयर में बदलाव करना शुरू कर दिया है। जल्द ही यह योजना लागू हो जाएगी। नीरज शर्मा, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर रेलवे