Indian Railways News => Topic started by railenquiry on Jul 27, 2012 - 18:19:56 PM


Title - गोंदिया ब्रॉडगेज का काम बंद
Posted by : railenquiry on Jul 27, 2012 - 18:19:56 PM

दो दशक से कभी वन भूमि तो कभी बजट को लेकर कछुआ चाल रेंग रही गोंदिया ब्रॉडगेज परियोजना में आखिरकार काम बंद कर दिया गया है। ठेकेदारों का भुगतान नहीं होने से इस परियोजना में करीब 80 जगहों पर काम रोक दिया गया है। रेल प्रशासन का कहना है कि रेलवे बोर्ड से बजट की मांग की गई है। बजट मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।

दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे के तहत चल रहे गोंदिया ब्रॉडगेज परियोजना में जबलपुर से लेकर बालाघाट तक चार चरणों में काम किया जा रहा है। इसमें जबलपुर-नैनपुर, नैनपुर-घंसौर, घंसौर-सिवनी, सिवनी-बालाघाट के बीच पुल-पुलियों, रोड अंडर ब्रिज, बेस बिछाने आदि का काम किया जा रहा है।

रेल प्रशासन के अनुसार जबलपुर से शुरू हुए काम में ग्वारीघाट से सगड़ा के बीच लाइन बिछाने का काम शुरू किया गया है। सगड़ा (गढ़ा) स्टेशन तैयार किया जा रहा है। प्लेटफॉर्म पर पटरियां भी बिछाई गई हैं। इस रेलखंड पर आने वाले हाईटेंशन विद्युत लाइन के करीब एक दर्जन खंभे हटाए गए हैं।


सूत्रों ने बताया कि इस बजट में परियोजना को कुल तीस करोड़ रूपए ही मिले। इससे पुराने कार्योü का ही भुगतान हो सका। बची राशि में मार्च से लेकर मई तक काम हुआ। पैसे की कमी से जबलपुर से नैनपुर और नैनपुर से सिवनी के बीच ही 80 स्थानों पर काम बंद हो गया है। इसमें ठेकेदारों का करीब दस करोड़ रूपए का भुगतान फंस गया है।

सिवनी में वन भूमि का अडंगा

सिवनी और बालाघाट क्षेत्र के वनों की भूमि का आवंटन नहीं होने से भी परियोजना में देर हो रही है। बालाघाट की 69.5 हेक्टेयर वन भूमि का हस्तांतरण तीन साल से लम्बित है, जिसकी वजह से 20 किलोमीटर लंबाई की रेल लाइन का कार्य प्रारम्भ नहीं हो सका। सिवनी की 30.12 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरण का मामला भी डेढ़ साल से चल रहा है, जिससे 9 किलोमीटर लंबाई की रेल लाइन का काम नहीं किया जा सका। हाल ही में रेलवे ने एक प्रस्ताव बनाकर वन विभाग को दिया है, जिस पर विचार किया जा रहा है।

बालाघाट-जबलपुर के बीच स्टेशन

बालाघाट, धापेवारा, समनापुर, टिटवा, चरेगांव, लामता, नागरवारा, गुडरू, पाडरगंज, निधानी, नैनपुर, पिंडरई, घंसौर, बिनैकी, शिकारा, सुकरी मंगेला, बरगी, चारघाट पिपरिया, जमतरा परसवारा, ग्वारीघाट, गढ़ा, कछपुरा।परियोजना में आने वाले जिले- बालाघाट, सिवनी, मंडला, जबलपुर।

बजट की कमी से काम रोक दिया गया है। रेलवे बोर्ड से बजट की मांग की गई है। बजट आते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। -मनीष अवस्थी, सीपीआरओ, दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर

परियोजना पर एक नजर

कुल लंबाई- 244.64 किमी
शुरूआत में लागत- 429.64 करोड़
बढ़ी लागत- 1100 करोड़
कृषि योग्य निजी भूमि- 53 हैक्टेयर
आवासीय भूमि- 21 हैक्टेयर
वन भूमि- 100 हैक्टेयर
शासकीय भूमि- 17 हैक्टेयर
लेवल क्रॉसिंग-160
बडे ब्रिज- 59
छोटे ब्रिज- 429
कुल स्टेशन- 29
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पिछले वर्षोü में मिला बजट
2009- 70 करोड़
2010- 100 करोड़
2011- 100 करोड़
2012- 30 करोड़