Indian Railways News => Topic started by nikhilndls on Jun 11, 2013 - 00:02:49 AM


Title - बिजली की ट्रेन में 'सारथी' का रोड़ा
Posted by : nikhilndls on Jun 11, 2013 - 00:02:49 AM

बहुप्रतीक्षित इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन एक बार फिर खटाई में पड़ गया है। बिजली के इंजन को चलाने के लिए अभी 'सारथी' ही तैयार नहीं हो सके हैं। वहीं पड़ोसी रेल मंडल में तो अब चालकों का प्रशिक्षण शुरू कराया गया है। इसकी वजह से जुलाई से दस जोड़ी ट्रेन चलाए जाने की उम्मीद टूटती जा रही है।
बीते 11 फरवरी को मुख्य संरक्षा आयुक्त ने मुरादाबाद से लखनऊ के बीच इलेक्ट्रिक ट्रेन संचालन को हरी झंडी दे दी थी। इसके बाद लखनऊ से मुरादाबाद के बीच दो ट्रेनों की इलेक्ट्रिक इंजन से संचालन की घोषणा कर दी गई। जिनमें लखनऊ-चंडीगढृ एक्सप्रेस का संचालन तो शुरू हो गया मगर दूसरी ट्रेन कोलकाता-अमृतसर एक दिन चलने के बाद फिर डीजल इंजन से चलने लगी। इसके पीछे वजह बताई गई कि लखनऊ मंडल में इलेक्ट्रिक इंजन चलाने को प्रशिक्षित चालकों की कमी। इसके बाद एक जुलाई से दस जोड़ी इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने का एलान किया गया। मगर चालकों का प्रशिक्षण पूरा न हो पाने के कारण मौजूदा हालातों में यह संभव नहीं दिखाई दे रहा।
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पचास फीसद चालक भी नहीं ट्रेंड
रेल मंडल मुरादाबाद में 1500 चालक मौजूद हैं। 450 चालकों के पद रिक्त हैं। 734 चालकों को इलेक्ट्रिक इंजन चलाने का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। मगर पड़ोसी मंडल लखनऊ में चालकों का प्रशिक्षण हाल ही में शुरू हुआ है। इलेक्ट्रिक ट्रेन संचालन में दोनों मंडलों के चालकों का ट्रेंड होना जरूरी है। कानपुर व गाजियाबाद स्थित इलेक्ट्रिक लोको ट्रेनिंग सेंटर में चालकों को छह सप्ताह की ट्रेनिंग दी जाती है। वहीं ट्रेनिंग के बाद छह माह तक इलेक्ट्रिक इंजन न चलाने पर चालक को दोबारा ट्रेनिंग करनी होती है।
एडीआरएम हितेंद्र मल्होत्रा के मुताबिक थोड़ी-थोड़ी संख्या में चालकों को प्रशिक्षण के लिए भेजाजा रहा है। इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने के लिए ट्रेन के रूट से संबंधित सभी मंडलों में पर्याप्त प्रशिक्षित चालकों का होना जरूरी है, जिसका अभी अभाव है।
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टाइम टेबल भी हो रहा प्रभावित
जिन ट्रेनों का संचालन इलेक्ट्रिक इंजन से होगा उनकी समयावधि घटेगी। एक जुलाई से ट्रेनों की समय सारिणी बदलती है। मगर मुरादाबाद मंडल से प्रस्तावित दस इलेक्ट्रिक ट्रेनों में कितनी ट्रेनें एक जुलाई से शुरू हो पाएंगी, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। जिसके चलते मुख्यालय स्तर पर भी संशय बना हुआ है।
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एक जुलाई से प्रस्तावित ट्रेनें
ट्रेन कहां से कहां तक
12327-28 हावड़ा-देहरादून
12369-70 हावड़ा-हरिद्वार
13005-06 हावड़ा-अमृतसर
13307-08 धनबाद-फिरोजपुर
14523-24 भुज-अंबाला
15653-54 गोहाटी-जम्मूतवी
15651-52 सियालदह-जम्मूतवी
18103-04 टाटा-अमृतसर
12407-08 न्यू जलपाईगुड़ी-अमृतसर
14603-04 सहरसा-अमृतसर