Indian Railways News => Topic started by Mafia on Aug 03, 2012 - 12:00:52 PM


Title - रेलवे में नहीं चलेगा कागज-पेन, पेपरलैस होगा काम
Posted by : Mafia on Aug 03, 2012 - 12:00:52 PM

अजमेर.रेलवे कार्यालयों के कामकाज को पेपरलैस करने की रेलवे बोर्ड की कवायद शुरू हो गई है। योजना को अमली जामा पहनाने में अजमेर मंडल को आंशिक कामयाबी मिली है। रेल प्रशासन का लक्ष्य है कि पचास फीसदी कामकाज बगैर पेपर के हो।इस बारे में रेल प्रशासन ने पारंपरिक कामकाज की प्रक्रिया को बदलने का प्रयास शुरू कर दिया है।

उत्तर-पश्चिम रेलवे जोन मुख्यालय ने दो महीने पहले इस बारे में अधिकारियों की बैठक में योजना के महत्व और इसे क्रियान्वित करने के बारे में जानकारी दी थी। मंडल कार्मिक विभाग में इसके लिए कंप्यूटर सेट और फोटोस्टेट मशीनें मुहैया कराने की घोषणा की गई थी।

दफ्तरों से फाइलों के पुलिंदे कम होंगे

रेलवे बोर्ड के निर्देश पर कार्यालयों में कामकाज पेपरलैस करने की योजना को क्रियान्वित करने की दिशा में अजमेर मंडल में कारगर प्रयास किए गए हैं। टेंडर फार्म, पत्र व्यवहार और विभागीय संदेश, विभिन्न मामलों में आवेदन प्रक्रिया को ऑन लाइन कर दिया गया है। इससे काफी हद तक पेपर का उपयोग घटा है और दफ्तरों से फाइलों का बोझ भी कम होने लगा है।

उत्तर-पश्चिम रेलवे जोन में पेपर लैस योजना पर सबसे ज्यादा अमल करने में अजमेर मंडल रेल प्रशासन को अवार्ड प्राप्त हो चुका है। मंडल में योजना का क्रियान्वयन वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता केएल मीणा के निर्देशन में हो रहा है। मीणा का कहना है कि कामकाज पेपरलैस करने में कुछ तकनीकी अड़चनें हैं, इच्छा शक्ति और प्रयासों से इसे दूर किया जा सकता है।


पेपरलैस से यह होगा फायदा :

रेलवे के सभी विभागों के कार्यालयों में फाइलों का अंबार लगा हुआ है। फाइलों का संधारण और संबंधित फाइल तलाशने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्टेशनरी खर्च के अलावा रेलवे को इस काम में समय और धन का व्यय करना पड़ रहा है। कामकाज को पेपरलैस किए जाने से दफ्तरों और कर्मचारियों की टेबल से फाइलों का बोझ कम हो जाएगा।

कार्मिक विभाग, निर्माण विभाग और लेखा विभाग में कार्य पेपरलैस होने से स्टेशनरी पर खर्च की जाने वाले बड़ी धनराशि बचाई जा सकती है। कर्मचारियों की नियुक्ति से लेकर रिटायर्डमेंट तक की सेवा का ब्यौरा कंप्यूटराइज्ड रहेगा। इससे कर्मचारियों के बारे में सूचनाएं त्वरित मिल सकेंगी। फाइलों के संधारण की परेशानी से निजात मिलेगी।

बैंकों की कार्यप्रणाली प्रेरक :

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि रेलवे कार्यालयों में कामकाज को पेपरलैस करने की योजना को सौ फीसदी लागू करने में काफी समय लगेगा, लेकिन प्राइवेट और सरकारी सेक्टर की बैंकिंग संस्थाओं से सीख लेनी चाहिए। बैंकों में साठ फीसदी कामकाज पेपरलैस हो चुका है।

साधन और प्रशिक्षण की जरूरत

अजमेर रेल मंडल के कार्मिक विभाग में कर्मचारियों की सेवा संबंधित महत्वपूर्ण कार्य को कंप्यूटराइज्ड करने के लिए रेल मुख्यालय ने पेपरलेस योजना पर शीघ्र अमल करने के निर्देश दिए थे। इस बारे में उत्तर-पश्चिम रेलवे जोन के मुख्य कार्मिक अधिकारी डॉ. एसएमएन इस्लाम ने दो महीने पूर्व अजमेर मंडल के कार्मिक अधिकारियों की बैठक में दिशा-निर्देश जारी किए थे। इस्लाम ने अजमेर कार्मिक विभाग में जरूरत के मुताबिक कम्प्यूटर सेट और फोटोकॉपी मशीन की स्वीकृति दी थी।

दो महीने बाद भी कार्मिक विभाग में पेपरलैस करने का काम शुरू नहीं हुआ। वर्तमान में विभाग में सिर्फ चार कंप्यूटर सेट हैं। रेलवे के विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को कम्प्यूटर में प्रशिक्षण की भी जरूरत है। इस दिशा में कार्यशालाओं का आयोजन किया जाना जरूरी है।