Indian Railways News => Topic started by RailEnquiry Admin on Apr 10, 2017 - 12:18:23 PM


Title - लखनऊ - दिल्ली शताब्दी में यात्रियों की दिलचस्पी हो गयी है कम
Posted by : RailEnquiry Admin on Apr 10, 2017 - 12:18:23 PM

चंद माह से लखनऊ से दिल्ली के बीच चलने वाली स्वर्ण शताब्दी का किराया मध्यम श्रेणी के यात्रियों पर बोझ बन गया है| ऐसे में यह ट्रेन सिर्फ वीवीआईपी यात्रियों के लिए रह गयी है| नतीजतन यह ट्रेन चालीस फीसद से अधिक खाली दौड़ रही है| एक समय में इसका टिकट पाने के लिए लोगों को वीआईपी कोटे के लिए तमाम जुगाड़ लगाने पड़ते हैं| 
करीब पंद्रह साल पहले शुरू हुई 12003 / 12004 स्वर्ण शताब्दी में सफर के दौरान खाने पीने की व्यवस्था, समय पालन और साफ़ सफाई इसकी विशेष व्यवस्था थी| आज भी यह व्यवस्था बरकरार है, लेकिन रेल बोर्ड ने इस दौरान कई बार किस्तों में किराया बढ़ाया और अब प्रीमियम फेयर लागू करने से किराया माध्यम श्रेणी के यात्रियों से भी दूर हो गया है| ऐसे में स्वर्ण शताब्दी में सफर करने वाले यात्रियों का ग्राफ काफी काम हो गया है | लोग अन्य ट्रेनों को ज्यादा वरीयता दे रहे हैं| यात्रियों का तर्क है कि प्रीमियम फेयर लागू होने से शताब्दी में यात्रियों का चलना कम हो गया है | 
रेलवे सूत्र बताते हैं कि शताब्दी सामान्य किराये में नब्बे फीसद भरी रहती थी| स्कूलों में छुट्टियां होने पर ट्रेन फुल हो जाया करती थी, यहाँ तक कि इसमें डेढ़ सौ से अधिक वेटिंग और अतिरिक्त कोच तक लगाने पड़ते थे, अब शताब्दी की सैकड़ों बर्थ खली जा रही हैं| 
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