Indian Railways News => Topic started by puneetmafia on Jan 31, 2013 - 18:01:20 PM


Title - - फिर परखी जाएगी ट्रैक की ‘सेहत’ - Amar Ujala
Posted by : puneetmafia on Jan 31, 2013 - 18:01:20 PM

सुल्तानपुर। रेलवे बोर्ड ने लखनऊ-वाराणसी वाया सुल्तानपुर रेल खंड को मानक के अनुरूप लाने के लिए आरजीएम (रेल ग्राइंडिंग मशीन) को दूसरे चक्र में उपमंडल भेजने की मंजूरी दे दी है। फरवरी के प्रथम सप्ताह में आ रही मशीन के ठहराव के लिए वाराणसी-आलमनगर के बीच पूर्व में बने सात प्लेटफार्मों को उपयोग में लिया जाएगा। इसके लिए इंजीनियरिंग विभाग को आवश्यक संसाधन जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। रेल लाइनों के जर्जर होने व यात्री-मालगाड़ियों के अधिक संचालन से आई कमी को दुरुस्त करने के लिए रेल इंजीनियरिंग इकाई समय-समय पर मरम्मत अभियान चलाती है। खामी ज्यादा बढ़ने पर रेल ग्राइंडिंग मशीन से लाइनों को नया आकार दिया जाता है। अमेरिका निर्मित इस मशीन को दोबारा रेलखंड पर भेजा जा रहा है। 80 करोड़ की लागत की यह मशीन लाइनों में हुए गड्ढों को स्वचालित उपकरणों से भरती है। रेलपथ में हुई दरारें व लाइनों का टेढ़ापन भी मशीन चलने के साथ ही दुरुस्त कर लेती है। मशीन के लिए रूट पर पूर्व में बने 200 मीटर के प्लेटफार्मों का उपयोग किया जाएगा। कार्य पूरा होने के साथ मशीन शिफ्टवार अलग ठहराव के लिए रवाना की जाएगी। इसके लिए सात प्लेटफार्मों की मरम्मत की जा रही है।