Indian Railways News => Topic started by AllIsWell on Jan 31, 2013 - 15:00:26 PM


Title - 24 घंटे में दूसरी बार रेल लाइन में दरार
Posted by : AllIsWell on Jan 31, 2013 - 15:00:26 PM

आसनसोल रेल मंडल में चौबीस घंटा के अंदर दूसरी बार मुख्य रेलमार्ग पर रेल लाइन में दरार पड़ गयी। मंगलवार को कुल्टी रेलवे स्टेशन के समीप लगभग साढ़े छह बजे रेल लाइन दरार होने की सूचना मिलते ही अफरा-तफरी मच गयी।इस घटना के बाद डाउन में जा रही सियालदह राजधानी एक्सप्रेस, कोलफील्ड एक्सप्रेस और रांची एक्सप्रेस को लगभग एक घंटे तक कुल्टी स्टेशन में रोकना पड़ा। लाइन मरम्मत के बाद रेल परिचालन सामान्य हुआ। घटना के बाद आसनसोल रेल मंडल के सीनियर डीईएन को-ऑर्डिनेशन पंकज कुमार सिंह ने स्थिति का जायजा लिया।मालूम हो कि रविवार को बराकर स्टेशन के ईस्ट केबिन के समीप रेलवे लाइन दरार हुई थी। मंगलवार को कुल्टी रेलवे स्टेशन के केबिन के पास स्टार्ट सिग्नल के समीप डाउन रेल लाइन में दरार पड़ गयी। कीमैन अरुण सिंह जब रेल ट्रैक से गुजर रहा था तो उसकी नजर दरार रेल ट्रैक पर पड़ी। तत्काल ही केबिन को सूचित किया गया। जिसके बाद दिल्ली से आ रही सियालदह राजधानी को कुल्टी स्टेशन पर रोक दिया गया। धनबाद हावड़ा कोलफिल्ड डाउन को कुल्टी स्टेशन पर और रांची एक्सप्रेस को होम सिग्नल पर खड़ा किया गया। लगभग एक घंटे तक चले मरम्मत कार्य के बाद रेल ट्रैक को अस्थायी रूप से ठीक कर परिचालन शुरू किया गया। रेल मंडल के पीआरओ बीएन मुर्मू ने बताया किया सुबह छह बजकर पैंतीस मिनट पर लाइन में क्रेक का पता चला। लाइन की मरम्मत कर सात बजकर 47 मिनट पर उसे ठीक कर लिया गया। जिसके कारण सियालदह राजधानी सात बजकर दस मिनट से सात बजकर 50 मिनट तक खड़ी रही। कोलफील्ड एक्सप्रेस छह बजकर 52 मिनट से आठ बजकर दो मिनट तक और रांची एक्सप्रेस सात बजकर पैंतीस मिनट से आठ बजकर दस मिनट तक खड़ी रही। बताया जाता है कि अक्सर ठंड के कारण रेल ट्रैक में दरार पड़ जाती है।

ट्रैकमैन की तत्परता से घटना टली

निप्र, कुल्टी : कुल्टी रेलवे स्टेशन के डाउन लाइन में क्रेक के बाद हजारों यात्रियों व ट्रेन को बचाने में ट्रैकमैन अरुण कुमार सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वरना राजधानी समेत हावड़ा-धनबाद कोलफिल्ड एक्सप्रेस दुर्घटना का शिकार हो सकती थी। परंतु ट्रैकमैन की तत्परता से घटना होने से बच गयी। हालांकि घटना से पहले डाउन कालका मेल व एक मालगाड़ी गुजर चुकी थी। समझा जा रहा है कि मालगाड़ी गुजरने के बाद ही रेल लाइन दरार हुई।