Indian Railways News => Topic started by ConfirmTicket on Aug 10, 2012 - 15:01:08 PM


Title - इलाहाबाद जंक्शन पर बनेंगे दो भूमिगत मार्ग
Posted by : ConfirmTicket on Aug 10, 2012 - 15:01:08 PM

0 नए मास्टर प्लान में शामिल की गई योजना
0 फिजिबिलिटी रिपोर्ट को राइट्स ने किया सर्वे
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इलाहाबाद। इलाहाबाद जंक्शन पर यात्रियों के आवागमन के लिए फुटओवर ब्रिज का विकल्प उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए दो भूमिगत मार्ग (सब-वे) बनाने की योजना है। एक भूमिगत मार्ग मौजूदा सभी प्लेटफार्मों को जोड़ेगा। दूसरा, एक नंबर प्लेटफार्म से प्रस्तावित 11, 12 और 13 नंबर प्लेटफार्मों पर आने-जाने का रास्ता उपलब्ध कराएगा। इन मार्गों को नए मास्टर प्लान का हिस्सा बनाया गया है। उत्तर मध्य रेलवे की तैयारी है कि महाकुंभ मेले के बाद इस योजना को परवान चढ़ाया जाएगा। मेट्रो सरीखा रहेगा भूमिगत मार्ग पहला भूमिगत मार्ग एक नंबर प्लेटफार्म पर मजार के निकट से शुरू होगा। इसके जरिए एक, दो, तीन, चार, छह, सात, आठ, नौ और 10 नंबर प्लेटफार्म जुड़ेंगे। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित मार्ग का सर्वे रेलवे की निर्माण इकाई राइट्स की टीम ने कर लिया है। अब व्यवहार्यता अध्ययन, अनुमानित लागत, डिजाइन आदि के कार्य शुरू होंगे। बताते हैं कि भूमिगत मार्ग पुराने स्टेशनों की तरह संकरा नहीं रहेगा। इसकी डिजाइन ऐसी होगी, जिसका इस्तेमाल यात्रियों के साथ ही माल ढुलाई के लिए भी किया जा सके। दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर अत्याधुनिक तरीके से बनाया जाएगा। 0 नए प्लेटफार्म बनने पर दूसरा बनेगा महाकुंभ मेला के बाद सिविल लाइंस साइड में प्लेटफार्म नंबर 11 का बनना तय हो चुका है। इसके टेंडर भी हो चुके हैं। इसके बाद 12 और 13 नंबर प्लेटफार्म बनेंगे। जंक्शन का दूसरा भूमिगत मार्ग इन तीनों प्लेटफार्मों को एक नंबर से जोड़ेंगे। इसका निर्माण एक नंबर प्लेटफार्म पर आईआरसीटीसी कार्यालय के नजदीक से बनाने का प्रस्ताव है। 0 सुरक्षा के तगड़े बंदोबस्त रहेंगे भूमिगत मार्गों में यात्रियों की सुरक्षा और प्रकाश के भी तगड़े बंदोबस्त रहेंगे। वजह, लंबा होने के कारण इसमें खतरे की आशंका भी रहेगी। सो, अत्याधुनिक कैमरे जगह-जगह लगाए जाएंगे। इन्हें जंक्शन के कंट्रोल रूम से भी जोड़ा जाएगा। ‘भूमिगत मार्ग की योजना अभी शुरुआती दौर में है। राइट्स को सर्वे के लिए कहा गया है। फिजिबिलिटी रिपोर्ट मिलने के बाद यह आगे बढ़ेगी।’ हरींद्र राव, डीआरएम, इलाहाबाद मंडल, एनसीआर