Indian Railways News => Topic started by nikhilndls on Aug 11, 2012 - 04:00:10 AM


Title - एक चिट्ठी की वजह से विवादों में घिरे मेट्रोमैन -मेट्रो सिटी - IBN Khabar
Posted by : nikhilndls on Aug 11, 2012 - 04:00:10 AM

नई दिल्ली। डीएमआरसी ने एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर कोई सबक नहीं लिया है। वो दोबारा वही तकनीक अपनाने जा रही थी जिस तकनीक की वजह से एयरपोर्ट मेट्रो विवादों में आया था। एयरपोर्ट मेट्रो पर रेलवे लाइन को जकड़कर रखने वाले क्लैंप्स हर रोज बड़ी संख्या में टूट रहे थे और मेट्रो रेल से सफर करने वालों की जान खतरे में थी। तीसरे चरण में भी मेट्रो उसी तकनीक को अपनाने की तैयारी में थी। जिसे दिल्ली मेट्रो के पूर्व महाप्रबंधक ईश्रीधरण ने ही हरी झंडी दी थी। रिटायरमेंट के दो दिन पहले लिखी एक चिट्ठी की वजह से मेट्रो मैन ई श्रीधरण विवादों में आ गए हैं। श्रीधरण ने ये चिट्ठी रेल मंत्रालय को उस वक्त लिखी थी जब एयरपोर्ट मेट्रो लाइन पर क्लैंप टूटने शुरू हो गए थे। इन क्लैंप्स के टूटने की जानकारी ना सिर्फ मेट्रो बल्कि रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर को भी थी। लेकिन 28 दिसंबर 2011 को लिखी चिट्ठी में श्रीधरण ने जर्मन कंपनी के क्लैंप की पुरजोर वकालत की।

उन्होंने रेल मंत्रालय को रहेड़ा तकनीक के लिए जर्मन कंपनी के फास्टनिंग सिस्टम का प्रस्ताव भेजा। श्रीधरन ने लिखा कि ये तकनीक संतोषजनक है लिहाजा फेज-थ्री में भी इसका इस्तेमाल किया जाए। यही नहीं, श्रीधरण से पहले भी दिल्ली मेट्रो फेज-थ्री में इसी तकनीक और जर्मन कंपनी के क्लैंप के लिए लगातार रेल मंत्रालय को चिट्ठी लिखती रही। आईबीएन 7 के पास मौजूद दिल्ली मेट्रो के दस्तावेजों के मुताबिक उसने हैदराबाद, जयपुर और पुणे मेट्रो में भी इसी तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया। वो भी तब जब इस तकनीक पर खुद रेल मंत्रालय ने सवाल उठा दिए हैं। श्रीधरण के प्रस्ताव को खारिज करने के अलावा रेल मंत्रालय ने 16 मार्च 2012 को लिखी गई दिल्ली मेट्रो को बेहद सख्त चिट्ठी में कहा कि एयरपोर्ट एक्सप्रेस रूट पर इस्तेमाल की गई तकनीक और क्लैंप संतोषजनक नहीं है। दिल्ली मेट्रो के मौजूदा और उसके पूर्व अफसर सवालों के घेरे में हैं। आरोपों का खंडन करते हुए डीएमआरसी के डायरेक्टर वर्क्स जीतेंद्र त्यागी ने दावा किया कि श्रीधरण ने जब रेल मंत्रालय को चिट्ठी लिखी तब दिल्ली मेट्रो को क्लैंप टूटने की जानकारी नहीं थी। श्रीधरण ने तकनीक के इस्तेमाल की पैरवी की थी ना कि कंपनी की। उस वक्त तक एयरपोर्ट रूट के बेहतर नतीजे देखते हुए फेज-थ्री में भी तकनीक दोहराने का प्रस्ताव दिया गया। दिल्ली मेट्रो ने माना कि फेज-थ्री को लेकर श्रीधरण के प्रस्ताव को रेलवे ने खारिज कर दिया है। अब दिल्ली मेट्रो ने तय किया है कि वो अब किसी तकनीक के लिए रेलवे को कोई प्रस्ताव नहीं देंगे।