Indian Railways News => Topic started by railenquiry on Feb 06, 2013 - 18:01:01 PM


Title - चालू हुए पांच उपकेंद्र, रोशन रहेंगे 35 रेलवे स्टेशन
Posted by : railenquiry on Feb 06, 2013 - 18:01:01 PM

मुगलसराय-लखनऊ रेलखंड के 35 स्टेशन अब दिन रात बिजली से रोशन रहेंगे। ऐसा पांच विद्युत उपकेंद्रों के बन जाने से संभव हुआ है। करीब 289 किलोमीटर लंबे रेलमार्ग पर बिजली से चलने वाली रेलगाड़ियां सरपट दौड़ेंगी। इंजन बदलने का झंझट भी खत्म हो गया है। इससे यात्रियों का समय और विभाग का धन भी बचेगा। इस पूरे काम पर करीब 237 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

रेलखंड में पांच विद्युत उपकेंद्र उतरेटिया (लखनऊ), सिंदुरवा (अमेठी), सुल्तानपुर, सरायहरखू (जौनपुर) व बीरापट्टी (वाराणसी) में बनाए गए हैं। इन सभी को 400 केवीए बिजली केंद्रों से जोड़कर 24 घंटे आपूर्ति की जाएगी। इनमें लगातार करंट दौड़ने से इस रूट पर पड़ने वाले ग्रामीण क्षेत्र के 35 रेलवे स्टेशन भी रात-दिन जगमगाते रहेंगे। हालांकि इन स्थानों पर पहले भी बिजली आपूर्ति होती थी, लेकिन स्थानीय रोस्टर के चलते अधिकांश समय बिजली गुल रहती थी। इसके चलते दूर से आने वाले यात्रियों को रात का अंधेरा नहीं सताएगा।

इन स्टेशनों पर रहेगा उजाला

वाराणसी से लखनऊ के बीच पड़ने वाले शिवपुर, बीरापट्टी, बावतपुर, पिंडरा रोड, खालिसपुर, त्रिलोचन महादेव, जलालगंज, सरकोनी, जफराबाद, जौनपुर सिटी, बक्शा, सराय हरखू, श्रीकृष्णानगर, हरपालगंज, कोइरीपुर, महारानी पश्चिम, लम्भुआ, भदैंया, पखरौली, सुल्तानपुर, बंधुआकला, शिवनगर, मुसाफिरखाना, अढ़नपुर, निहालगढ़, सिंदुरवा, अकबरगंज, चौबीसी, हैदरगढ़, त्रिवेदीगंज, छंदरौली, रहमतनगर, अनूपगंज, बक्कास व उतरेटिया स्टेशनों पर अब हरवक्त आपूर्ति रहेगी। इसके लिए बिजली के साथ जनरेटर, इनवर्टर व सौर ऊर्जा के उपकरण लगाए गए हैं।

होगी समय व धन की बचत

मुगलसराय से सुल्तानपुर होकर लखनऊ की ओर रोजाना 19 मेल एक्सप्रेस गाड़ियां चलती हैं, जिनमें चार के बिजली इंजन मुगलसराय में बदलने पड़ते थे। यहां से डीजल का इंजन लगाकर रेलगाड़ी को लखनऊ तक ले जाया जाता था। इसमें कम से कम आधा घंटा समय जाया होता था। इंजन चालू रहने से डीजल की भी खपत होती थी। साथ ही कर्मचारियों को सतर्क रहना पड़ता था। विद्युतीकरण होने के बाद अब ईधन व कर्मचारियों पर होने वाले खर्च व बदलने में लगने वाले समय से निजात मिल जाएगी। एइएन (उपमंडल अभियंता) आरके सैनी का कहना है कि इससे कम से कम प्रतिमाह 25 से 30 लाख रुपये की बचत होगी।