Indian Railways News => Topic started by RailEnquiry Admin on Jun 05, 2018 - 11:52:06 AM


Title - जल संरक्षण रिसाइकिलिंग प्लांट से प्रतिदिन लगभग 60000 लीटर से भी अधिक पानी की बचत
Posted by : RailEnquiry Admin on Jun 05, 2018 - 11:52:06 AM

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में जल संरक्षण के महत्व को समझते हुए जल संरक्षण को साकार करने हेतु महत्वपूर्ण कदम उठाए गए है । जल संरक्षण के लिए वर्षा जल को संरक्षण करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है । इसके साथ ही साथ भूमिगत जलस्तर को बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है । दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत नये एवं पुराने कार्यालय भवनों की छतों से, सतह पर बहने वाले एवं बारिश की पानी को जल भंडारण की तकनीक “जल संचयन प्रणाली (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) प्रणाली” के द्वारा संग्रहित किया जा रहा है ।


वर्तमान में वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अधिकार क्षेत्र में चाहे वह किसी भी मंडल में अवस्थित हो, सभी पुराने भवनों में जो भवन 200 वर्ग मीटर से अधिक हो ऐसे सभी भवनों पर जल संचयन प्रणाली (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) प्रणाली लगाए जा रहे है । अब तक 225 कार्यालय भवनों एवं प्रमुख ईमारतों में जल संचयन प्रणाली (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) प्रणाली लगाए गए है, जिसमे बिलासपुर मंडल में 97, रायपुर मंडल में 61 तथा नागपुर मंडल में 67 शामिल है । इसके साथ ही साथ नये एवं भविष्य में बनाए जाने वालेसभी भवन निर्माण में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था लगाने सुनिश्चित किए जा रहे है ।


वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) के अलावा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के कोचिंग डिपो बिलासपुर एवं दुर्ग में लाख 0.5 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता के वाटर रिसाइकिलिंग प्लांट की स्थापना की गई है जिसमे डिपो से प्राप्त अपशिष्ट पानी को रिसायकिल कर इसका उपयोग कोच धुलाई तथा पौधो को पानी देने में किया जा रहा है ।रिसाइकिलिंग प्लांट से प्रतिदिन लगभग 60-75,000 लीटर पानी की बचत हो जाती है। इसी प्रकार वाटर रिसाइकिलिंग प्लांट कोचिंग डिपो, गोंदिया सहित तीन जगहों पर भी निर्माणाधीन हैं ।


इसके साथ ही कोचिंग डिपो, बिलासपुर स्थित मेकेनाईज्ड लांड्री में एक स्टीम कंडेशनिंग प्लांट की स्थापना की गई है जिसकी मदद से कपड़ो के प्रेस के उपरांत वेस्ट होने वाले पानी का पुनः शोधन कर प्रतिदिन 5000 लीटर पानी की बचत किया जा रहा है |


दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे केतीनों मंडलों में उपयोग में आने वाले पानी की, विशेषकर वर्कशॉप, कोच धुलाई आदि के पानी को बर्बाद न करके उसे रिसायकिल कर पानी की बचत की जा रही है । इसी प्रकार वर्षा जल के भी समुचित संरक्षण करके, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे पर्यावरण संरक्षण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हुए रेल यातायात के ईको फ्रेंडली साधन के रूप में बनाते हुए अपनी सेवा प्रदान कर रहा है ।

-HINDI-