Indian Railways News => Topic started by greatindian on Feb 04, 2013 - 20:00:09 PM


Title - राष्‍ट्रीय रेल संग्रहालय का 37वां स्‍थापना दिवस मनाया गया
Posted by : greatindian on Feb 04, 2013 - 20:00:09 PM

--------रेलवे बोर्ड अध्‍यक्ष ने प‍टियाला राज्‍य मोनो रेल का उद्घाटन किया और संग्रहालय में श्रव्‍य गाइड का विमोचन किया
----------आर.डब्‍ल्‍यू.डब्‍ल्‍यू.सी.ओ. द्वारा आयोजित अखिल भारतीय रेखाचित्र, चित्रकला और निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्‍मानित किया
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रेल मंत्रालय के राष्‍ट्रीय रेल संग्रहालय ने शनिवार को यहां अपना 37वां स्‍थापना दिवस मनाया। रेलवे बोर्ड के अध्‍यक्ष श्री विनय मित्‍तल इस अवसर पर मुख्‍य अतिथि थे। श्री मित्‍तल ने पटियाला राज्‍य मोनो रेल ट्रामवे (पीएसएमटी) का उदघाटन किया और उसे जनता के लिए खोल दिया। यह मोनो ट्रामवे अब संग्रहालय में प्रदर्शित की गई है। श्री मित्‍तल ने उत्‍साहित दर्शकों के लाभ के लिए अद्वितीय श्रव्‍य गाइड प्रणाली का भी श्रीगणेश किया । इस अवसर पर श्री मित्‍तल ने केंद्रीय रेलवे महिला कल्‍याण संगठन (आरडब्‍ल्‍यूडब्‍ल्‍यूसीओ) द्वारा रेल कर्मचारियों के बच्‍चों के लिए पहले आयोजित की गई अखिल भारतीय रेखाचित्र, चित्रकला और निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को भी पुरस्‍कृत किया। इस अवसर पर रेल कर्मचारियों द्वारा एक सांस्‍कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्‍तुत किया गया।  पीएसएमटी पंजाब राज्‍य के पटियाला शहर में 1907 से 1927 तक चलने वाली अद्वितीय रेलवे के पथप्रदर्शन में आंशिक रूप से सड़क पर चलने वाली एक रेल प्रणाली थी। पटियाला के महाराजा भूपेंदर सिंह ने अपने पटियाला राज्‍य में लोगों की सुविधा के लिए कर्नल बाउल्‍स के निर्देशन में इस अद्वितीय रेल प्रणाली का निर्माण कराया था। नई दिल्‍ली स्थित रेल संग्रहालय ने पीएसएमटी लोको इंजन और सेल्‍यून को फिर से बहाल कराने की पहल की। अमृतसर कार्यशाला, रिवाड़ी स्‍टीम शैड और एनआरएम के कर्मचारियों की सहायता से लोको इंजन को फिर से काम करने की स्थिति में लाया गया है। संग्रहालय में श्रव्‍य गाइड एक ऐसी प्रणाली है जिसमें इन वस्‍तुओं के ऐतिहासिक महत्‍व को कहानी सुनाने के रूप में रिकार्ड किया गया है। यह प्रणाली किसी मानव गाइड की भूमिका निभायेगी। यह प्रणाली हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में तथा बच्‍चों के लिए अलग से डिजाइन की गई है ताकि सभी पीढि़यों के लोगों की रूचि बनाई रखी जा सके।